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वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका में एक कथित रूसी खुफिया नेटवर्क से जुड़ी जांच ने जासूसी की दुनिया के उस तरीके को सामने रखा है जिसमें किसी लक्ष्य तक सीधे पहुंचने के बजाय स्थानीय लोगों को निगरानी और संभावित हत्या के लिए इस्तेमाल करने का आरोप है। अमेरिकी न्याय विभाग ने पांच लोगों के खिलाफ आरोप सार्वजनिक किए हैं। अभियोजन के मुताबिक, नेटवर्क ने अमेरिका और अन्य देशों में रूसी विरोधियों की निगरानी तथा लक्षित हत्या के लिए लोगों को भर्ती और भुगतान करने की कोशिश की।
मैनहट्टन की संघीय अदालत में खोले गए आरोप-पत्र के मुताबिक, मामले में यूरी ख्रामेव, किरिल ख्रामेव, ओमिस रोमागोजा डुरुथी, याइदेल डेलगाडो सुआरेज और एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो को आरोपी बनाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ लोग रूसी खुफिया सेवाओं के लिए काम कर रहे थे। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये अभियोजन के आरोप हैं और अदालत में अभी सिद्ध नहीं हुए हैं।
मामला सिर्फ एक हत्या की साजिश तक सीमित नहीं
इस केस की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार कथित नेटवर्क का काम किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने तक सीमित नहीं था। आरोप-पत्र में कहा गया है कि नेटवर्क ने अमेरिका और दूसरे देशों में लोगों को निगरानी करने, संभावित लक्ष्यों की जानकारी जुटाने और फिर हत्या के लिए भर्ती करने की कोशिश की।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इसी नेटवर्क पर यूक्रेन के समर्थक माने जाने वाले यूरोपीय देशों में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों की साजिश से जुड़े आरोप भी हैं। यानी जांच में जिस गतिविधि का चित्र सामने आता है, उसमें जासूसी, स्थानीय भर्ती और हिंसक कार्रवाई के कई स्तर शामिल बताए गए हैं।
FBI को सुराग कैसे मिला?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा उस समय सामने आया जब कथित नेटवर्क ने अमेरिका में ही एक व्यक्ति को भर्ती करने की कोशिश की।
अभियोग के मुताबिक, एक अमेरिकी निवासी को वॉशिंगटन में रहने वाले एक प्रमुख रूसी असंतुष्ट की निगरानी के लिए लगाया गया। उसे कथित तौर पर लक्ष्य से जुड़े स्थानों पर जाकर जानकारी जुटाने और फोटो-वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले शुरुआती निगरानी के लिए भुगतान की बात कही गई थी।
इसके बाद कथित तौर पर हत्या के लिए 40 हजार डॉलर तक देने की पेशकश की गई। संबंधित व्यक्ति ने हत्या के लिए भुगतान स्वीकार नहीं किया। अभियोजन के अनुसार इसके बाद नेटवर्क से जुड़े लोगों ने दूसरे संभावित भर्तियों की तलाश शुरू की।
यही चरण जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि किसी विदेशी एजेंसी द्वारा अमेरिकी जमीन पर स्थानीय व्यक्ति को संभावित हिंसक कार्रवाई के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर मामला है।
पांच आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपियों में रूसी नागरिक यूरी ख्रामेव और उनके बेटे किरिल ख्रामेव शामिल हैं। यूरी ख्रामेव को पूर्व रूसी खुफिया अधिकारी और किरिल को रूस की संघीय सुरक्षा सेवा यानी FSB का अधिकारी बताया गया है।
इसके अलावा क्यूबा के नागरिक ओमिस रोमागोजा डुरुथी, याइदेल डेलगाडो सुआरेज और वेनेजुएला के नागरिक एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो पर भी आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी अभियोजन के मुताबिक, सुआरेज और कास्त्रो ने अमेरिका में लोगों की भर्ती से जुड़े प्रयासों में भूमिका निभाई।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार सभी पांच आरोपियों पर आतंकवाद के वित्तपोषण की साजिश से संबंधित आरोप हैं, जबकि यूरी ख्रामेव, सुआरेज और कास्त्रो पर हत्या के लिए सुपारी देने की साजिश का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है।
2022 के बाद बदला कथित नेटवर्क का फोकस
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कम से कम 2024 से सक्रिय बताया जा रहा है। जांच में यह भी दावा किया गया है कि पहले इसका ध्यान मुख्य रूप से रूसी असंतुष्टों और देश छोड़ चुके लोगों पर था, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कथित गतिविधियों का दायरा उन देशों और लोगों तक बढ़ा जिन्हें रूस विरोधी या यूक्रेन समर्थक माना जाता है।
यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे किसी एक राजनीतिक विरोधी को निशाना बनाने और व्यापक विदेशी प्रभाव/हिंसक कार्रवाई के बीच अंतर सामने आता है। यदि अभियोजन के आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो मामला यह दिखाएगा कि कथित नेटवर्क ने विदेश में अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए स्थानीय स्तर पर भर्ती का सहारा लेने की कोशिश की।
FBI के लिए स्थानीय भर्ती सबसे बड़ा सुरक्षा संकेत
इस मामले का एक बड़ा सबक यह है कि आधुनिक खुफिया अभियानों में हर काम किसी प्रशिक्षित एजेंट द्वारा किया जाना जरूरी नहीं है। स्थानीय व्यक्ति को पैसे देकर निगरानी या अन्य गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास जांच एजेंसियों के लिए एक अलग चुनौती पैदा करता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि FBI के न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन फील्ड ऑफिस समेत कई एजेंसियों ने मिलकर इस मामले की जांच की। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि FBI की Counterintelligence Division ने जांच का नेतृत्व किया और अन्य एजेंसियों ने भी सहयोग किया।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में केवल निगरानी करने वाली एजेंसी पर्याप्त नहीं होती। विदेशी खुफिया गतिविधियों और संभावित हिंसक अपराध के बीच जब सीमा धुंधली होती है, तब counterintelligence, law enforcement और counterterrorism इकाइयों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है।
रूस पर अमेरिकी आरोप, लेकिन कानूनी स्थिति अभी अलग है
अमेरिकी सरकार ने इन आरोपों को रूसी खुफिया सेवाओं से जोड़ते हुए पेश किया है। दूसरी ओर, इस तरह के मामलों में आरोप और दोषसिद्धि के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। अमेरिकी न्याय विभाग ने खुद अपने बयान में स्पष्ट किया है कि आरोप-पत्र केवल आरोप हैं और सभी आरोपी तब तक निर्दोष माने जाते हैं जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो जाए।
Reuters के अनुसार, रूस ने अतीत में विदेशों में ऐसी कार्रवाइयों से जुड़े आरोपों से इनकार किया है और इस मामले पर तत्काल रूसी दूतावास की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
आगे क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला अमेरिका-रूस के बीच पहले से तनावपूर्ण सुरक्षा संबंधों में एक और संवेदनशील अध्याय जोड़ सकता है। खास तौर पर यदि अमेरिकी अभियोजन अदालत में अपने आरोपों के समर्थन में विस्तृत सबूत पेश करता है, तो विदेशी खुफिया नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका की counterintelligence कार्रवाई और कड़ी हो सकती है।
यूरोप के लिए भी इसका महत्व है। अमेरिकी आरोपों में यूक्रेन समर्थक देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कथित योजनाओं का उल्लेख है। ऐसे आरोप यूरोपीय देशों में पहले से चल रही sabotage और foreign-interference संबंधी सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में देखे जाएंगे।
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