Kejriwal On PM Modi Birthday
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अरविंद केजरीवाल का संदेश इस बार सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामना देने के साथ ही नई दिल्ली विधानसभा सीट की मतदाता सूची और 2025 के चुनाव परिणाम को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।
केजरीवाल ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए दावा किया कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली सीट पर जोड़े गए कुछ नए मतदाताओं के नाम बाद की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया में हटाए गए। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र से जोड़ते हुए तीखी टिप्पणी की।
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नई दिल्ली सीट क्यों बनी विवाद का केंद्र?
नई दिल्ली विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह लंबे समय तक अरविंद केजरीवाल का चुनावी आधार रही। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के प्रवेश साहिब सिंह वर्मा से हार का सामना करना पड़ा।
अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सामने आए आंकड़ों ने उस पुराने चुनावी विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, किसी मतदाता का नाम SIR के दौरान हटना अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि उसे राजनीतिक कारणों से हटाया गया। मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान और नाम हटाने के लिए चुनावी कानून में निर्धारित प्रक्रियाएं मौजूद हैं। चुनाव आयोग के अनुसार संबंधित मतदाता नाम जोड़ने, सुधार या आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं।
SIR के आंकड़ों ने क्यों बढ़ाई राजनीतिक बहस?
दिल्ली की 2026 SIR प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.5 लाख नाम हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इस बड़े बदलाव ने स्वाभाविक रूप से मतदाता सूची की शुद्धता, नाम हटाने की प्रक्रिया और वास्तविक मतदाताओं के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है।
यही व्यापक पृष्ठभूमि नई दिल्ली सीट को लेकर केजरीवाल के ताजा बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। हालांकि, किसी विशेष नाम के हटने या जुड़ने और 2025 के चुनाव परिणाम के बीच सीधा कारणात्मक संबंध स्थापित करने के लिए निर्वाचन रिकॉर्ड और संबंधित मामलों की अलग-अलग जांच जरूरी होगी।
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केजरीवाल और मोदी के बीच बदला जन्मदिन का संदेश
केजरीवाल और मोदी लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। इसके बावजूद जन्मदिन के अवसर पर केजरीवाल पहले प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएं देते रहे हैं।
इस बार संदेश का स्वर अलग रहा। जन्मदिन की शुभकामना के साथ ही उन्होंने नई दिल्ली की मतदाता सूची का मुद्दा जोड़ दिया। इससे साफ है कि वोटर लिस्ट और SIR आने वाले समय में दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकते हैं।
अब असली सवाल क्या है?
इस विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आरोपों से ज्यादा मतदाता सूची की पारदर्शिता और सत्यापन है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर मतदाता अपना नाम और चुनावी विवरण जांच सकते हैं। नाम में गलती होने पर सुधार तथा पात्र मतदाता का नाम हटने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के जरिए शिकायत या आवेदन किया जा सकता है।
इसलिए नई दिल्ली सीट को लेकर उठे आरोपों की अंतिम तस्वीर केवल राजनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि SIR रिकॉर्ड, दावे-आपत्तियों, ERO के फैसलों और उपलब्ध चुनावी आंकड़ों की जांच से स्पष्ट होगी।



