देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले महीनों में थोक महंगाई दर 10% के पार जा सकती है, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को इस तेजी की बड़ी वजह माना जा रहा है। बढ़ती लागत का असर रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर परिवहन और उद्योगों तक दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कारण घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। यदि तेल महंगा होता है तो इसका असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और निर्माण सामग्री की कीमतों पर भी पड़ेगा, जिससे थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर महंगाई बढ़ सकती है।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक महंगाई बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर असर पड़ेगा और घरेलू बजट बिगड़ सकता है। आने वाले समय में महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार और नीतिनिर्माताओं की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।


