देश में जातीय जनगणना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। Indian National Congress ने आरोप लगाया है कि Narendra Modi की सरकार जानबूझकर जातीय सर्वे को टालना चाहती है। कांग्रेस का कहना है कि सामाजिक न्याय और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जातीय आंकड़े बेहद जरूरी हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जातीय जनगणना से देश में पिछड़े और वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिससे उन्हें योजनाओं का सही लाभ मिल सकेगा। पार्टी का कहना है कि सरकार इस विषय पर केवल बयान दे रही है, लेकिन ठोस कदम उठाने से बच रही है। वहीं, केंद्र सरकार पहले भी कह चुकी है कि जनगणना एक जटिल प्रक्रिया है और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
इस मुद्दे पर आने वाले समय में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, क्योंकि जातीय जनगणना को कई दल 2026–27 की राजनीति का बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय पर सरकार का अंतिम फैसला देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।


