नाबालिग के गर्भपात से जुड़े संवेदनशील मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आया है। Supreme Court of India में All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) ने दोबारा याचिका दाखिल कर पहले दिए गए आदेश पर पुनर्विचार की अपील की है। एम्स ने अदालत को बताया कि मेडिकल बोर्ड की राय और गर्भपात से जुड़े संभावित जोखिमों पर नए सिरे से विचार जरूरी है, क्योंकि मामला नाबालिग की सेहत और भविष्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है।
एम्स की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि मेडिकल स्थिति पहले की तुलना में जटिल हो सकती है और ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय से पहले चिकित्सा पहलुओं का व्यापक मूल्यांकन जरूरी है। अस्पताल ने अदालत से आग्रह किया है कि नाबालिग की शारीरिक और मानसिक सेहत को ध्यान में रखते हुए आदेश पर दोबारा सुनवाई की जाए। यह मामला पहले भी देशभर में चर्चा का विषय बना था, क्योंकि इसमें कानून, नैतिकता और चिकित्सा—तीनों पहलू जुड़े हुए हैं।
read also: CG 5th-8th Result OUT Today: छात्रों का इंतजार खत्म! आज आएगा 5वीं और 8वीं का परिणाम
अब सुप्रीम कोर्ट इस अपील पर सुनवाई कर सकता है, जिससे मामले में नया फैसला सामने आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुनवाई का असर भविष्य में नाबालिगों के गर्भपात से जुड़े मामलों की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


