प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने आज इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए और ‘लोकतंत्र की जननी’ के एक गर्वित नागरिक के तौर पर मैं सभी भारतीयों की ओर से आपको शुभकामनाएं देता हूं। आज सुबह इंडोनेशिया के लोगों ने मुझे जो प्यार और गर्मजोशी भरा स्वागत दिया, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता।’
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राष्ट्रपति प्राबोवो ने कॉपीराइट के बारे में बात की
संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आज सुबह राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने कॉपीराइट के बारे में बात की। इस प्यार, स्नेह, दोस्ती या आपसी सम्मान की भावना पर कोई कॉपीराइट नहीं हो सकता। राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ मेरी दोस्ती कॉपीराइट की सभी सीमाओं से परे है।’
समुद्र हमारे बीच एक पुल का काम करता है
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘भले ही हमारी राजधानियां हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन समुद्र हमें केवल 150 किलोमीटर की दूरी पर अलग करता है। जहां समुद्र अक्सर दूसरे देशों के बीच एक बाधा या दूरी का कारण रहा है। वहीं, भारत और इंडोनेशिया के लिए यह कभी भी अलगाव का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि, समुद्र हमारे बीच एक पुल का काम करता है और हमारे साझा भविष्य का केंद्र है।’
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#WATCH | Jakarta, Indonesia | Prime Minister Narendra Modi says, "India is a nation that pursues a policy of development rather than expansionism. We advocate for "Sabka Saath, Sabka Vikas", development for all, with the participation of all. Today, I stand before all of you… pic.twitter.com/CJA3LreHFL
— ANI (@ANI) July 7, 2026
दोनों देशों को लगभग एक समय मिली आजादी
इंडोनेशियाई संसद में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे दोनों देशों को लगभग एक ही समय में आजादी मिली। इंडोनेशिया को 1945 में और भारत को 1947 में आजादी मिली। आजाद देशों के तौर पर संप्रभुता की बात आई, तो भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के आजादी के आंदोलन का मजबूती से समर्थन किया। उस दौर में सम्मानित बीजू पटनायक ने जो भूमिका निभाई, जिस तरह वे प्रधानमंत्री सुल्तान शहरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत लाए उससे दोनों देश और करीब आए।’






