PM Kisan: बड़ी खबर! 24वीं किस्त के ₹2,000 नहीं आए तो न हों परेशान, घर बैठे ऐसे करें शिकायत
देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार अब खत्म हो चुका है। 30 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार ने योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इसके तहत पात्र किसानों के खातों में 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई है। लेकिन किस्त जारी होने के बाद भी अगर आपके बैंक खाते में पैसा नहीं पहुंचा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
कई बार किसान योजना के पात्र होते हैं, उनका पंजीकरण भी पूरा होता है, फिर भी तकनीकी या दस्तावेजी गड़बड़ी के कारण भुगतान अटक जाता है। ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि किसान बिना किसी एजेंट के चक्कर लगाए पहले अपने भुगतान की स्थिति जांचें और फिर आधिकारिक शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल करें।
24वीं किस्त जारी, फिर भी कुछ किसानों के खाते खाली क्यों?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है।
सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, 30 अक्टूबर को 24वीं किस्त लगभग 9.34 करोड़ किसानों के लिए जारी की गई।
हालांकि, किस्त जारी होने का मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक पंजीकृत किसान को भुगतान मिलना निश्चित है। लाभार्थी की पात्रता, आधार सत्यापन, बैंक खाते की जानकारी और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी भुगतान प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
सबसे पहले ऐसे चेक करें 24वीं किस्त का स्टेटस
अगर आपके खाते में 2,000 रुपये नहीं आए हैं, तो सबसे पहले भुगतान की स्थिति ऑनलाइन देखें।
इसके लिए ये प्रक्रिया अपनाएं:
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ खोलें।
- Farmers Corner में जाकर Know Your Status विकल्प चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी और कैप्चा भरें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन करें।
- इसके बाद आपकी भुगतान संबंधी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यहां Payment Status, बैंक का नाम, UTR नंबर और भुगतान की तारीख जैसी जानकारी देखी जा सकती है। इससे पता चल सकता है कि भुगतान प्रक्रिया पूरी हुई है या अभी किसी स्तर पर लंबित है।
इन 4 वजहों से अटक सकती है किस्त
1. e-KYC पूरी नहीं होना
पीएम किसान योजना के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य है। यदि किसान का e-KYC अधूरा है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है।
2. आधार और बैंक खाते में गड़बड़ी
बैंक खाते की गलत जानकारी, आधार से जुड़ी विसंगति या NPCI के माध्यम से आधार आधारित भुगतान में समस्या आने पर भी पैसा खाते में पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
3. जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन
योजना में पात्रता के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी है। यदि रिकॉर्ड में अंतर है या राज्य स्तर पर सत्यापन लंबित है, तो भुगतान रुक सकता है।
4. पात्रता से जुड़ी आपत्ति
कुछ मामलों में परिवार के एक से अधिक सदस्यों द्वारा लाभ लेने या योजना के अपात्रता नियमों के अंतर्गत आने की आशंका होने पर भुगतान भौतिक सत्यापन तक रोका जा सकता है।
पैसा नहीं आया तो यहां दर्ज करें ऑनलाइन शिकायत
अगर स्टेटस देखने के बाद भी भुगतान की समस्या का समाधान नहीं होता है, तो किसान पीएम किसान पोर्टल के Help Desk और Grievance Query Form का उपयोग कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल पर जाएं।
- Farmers Corner में Help Desk – Query Form विकल्प खोलें।
- शिकायत दर्ज करने के लिए Raise Grievance विकल्प चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या नया आवेदन लंबित होने की स्थिति में Temporary ID दर्ज करें।
- कैप्चा भरकर आगे बढ़ें।
- शिकायत की श्रेणी चुनें और अपनी समस्या स्पष्ट शब्दों में लिखें।
- जरूरत के अनुसार संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
- शिकायत सबमिट करने के बाद प्राप्त Grievance ID सुरक्षित रखें।
इस Grievance ID की मदद से बाद में शिकायत की स्थिति भी देखी जा सकती है।
शिकायत के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
जो किसान ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं कर सकते, वे सरकारी हेल्पलाइन की सहायता ले सकते हैं।
- 155261: पीएम किसान संबंधी सहायता और स्थिति जानने के लिए हेल्पलाइन। इस नंबर पर भारत-विस्तार की किसान सहायता सुविधा भी उपलब्ध है।
- 1800-11-5526: पीएम किसान की आधिकारिक जानकारी में दर्ज टोल-फ्री IVRS हेल्पलाइन।
इसके अलावा किसान अपने जिले के कृषि अधिकारी, जिला कृषि कार्यालय या योजना के राज्य नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
शिकायत करने से पहले इन दस्तावेजों की जानकारी रखें
समस्या का समाधान जल्दी कराने के लिए किसानों को अपनी कुछ जरूरी जानकारियां तैयार रखनी चाहिए:
- पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर
- आधार से संबंधित सत्यापन की स्थिति
- बैंक खाते की सही जानकारी
- भूमि रिकॉर्ड और पंजीकरण संबंधी विवरण
- भुगतान की स्थिति और उपलब्ध UTR नंबर
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
ध्यान रखें कि किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। शिकायत के नाम पर पैसे मांगने वालों से भी सावधान रहें।
किसानों के लिए जरूरी बात
पीएम किसान योजना की किस्त अटकने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि किसान योजना से बाहर हो गया है। कई मामलों में दस्तावेजों की कमी, बैंक सत्यापन या राज्य स्तर पर लंबित जांच के कारण भुगतान में देरी हो सकती है।
इसलिए किसानों को किसी अफवाह या अनधिकृत व्यक्ति की सलाह पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर अपनी स्थिति जांचनी चाहिए। यदि समस्या बनी रहती है, तो शिकायत दर्ज कर उसका नंबर सुरक्षित रखना चाहिए।
निष्कर्ष: 24वीं किस्त जारी होने के बाद जिन किसानों के खातों में अभी तक 2,000 रुपये नहीं पहुंचे हैं, उन्हें सबसे पहले अपना भुगतान स्टेटस और e-KYC जांचना चाहिए। इसके बाद जरूरत पड़ने पर सरकारी हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का सहारा लेना चाहिए। सही जानकारी और समय पर शिकायत से भुगतान से जुड़ी समस्या के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।




