High BP Alert: दवाइयों के बाद भी कंट्रोल नहीं हो रहा ब्लड प्रेशर? रसोई की ये 5 चीजें बढ़ा सकती हैं खतरा
Health Tips: हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसे अक्सर लोग सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह दिल, दिमाग और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कई लोग नियमित दवाइयां लेने के बावजूद बढ़े हुए बीपी से परेशान रहते हैं। ऐसे में केवल दवा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं, बल्कि रोजाना खाने-पीने की आदतों की समीक्षा करना भी जरूरी है।
खासतौर पर भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों के जरिए शरीर में जरूरत से ज्यादा सोडियम पहुंच सकता है। समस्या यह है कि इनमें से कई खाद्य पदार्थों को लोग नमक का विकल्प या सामान्य स्वाद बढ़ाने वाली चीज समझकर नियमित खाते रहते हैं।
दवाइयों के बावजूद क्यों बढ़ा रह सकता है बीपी?
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में खानपान की अहम भूमिका होती है। शरीर में सोडियम की अधिकता होने पर पानी का संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है।
इसके अलावा कम शारीरिक गतिविधि, अधिक वजन, तनाव, नींद की कमी, किडनी संबंधी समस्याएं और कुछ दवाइयां भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए यदि नियमित दवा लेने के बावजूद बीपी लगातार बढ़ा हुआ आ रहा है, तो सिर्फ नमक कम करना ही पर्याप्त समाधान नहीं है। डॉक्टर से जांच कराकर इसके दूसरे संभावित कारणों का पता लगाना भी जरूरी है।
रसोई की ये 5 चीजें बढ़ा सकती हैं हाई बीपी की परेशानी
1. Extra Salt: ऊपर से नमक डालने की आदत छोड़ें
कई लोगों को खाने में थोड़ा अतिरिक्त नमक डालने की आदत होती है। सलाद, दाल, फल या रायते में ऊपर से नमक डालना सामान्य लगता है, लेकिन दिनभर में इसका कुल सेवन काफी बढ़ सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वयस्कों को प्रतिदिन 2,000 मिलीग्राम से कम सोडियम यानी 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह सीमा पूरे दिन के कुल नमक सेवन की है। इसमें पैकेट वाले खाद्य पदार्थों और तैयार मसालों से मिलने वाला नमक भी शामिल है।
2. काला नमक, सेंधा नमक और चाट मसाला
कुछ लोग सफेद नमक कम करने के बाद उसकी जगह काला नमक या सेंधा नमक इस्तेमाल करने लगते हैं। उन्हें लगता है कि ये विकल्प ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
लेकिन वास्तविकता यह है कि इन नमकों में भी सोडियम होता है। इसलिए इन्हें असीमित मात्रा में खाना उचित नहीं है।
इसी तरह चाट मसाला और तैयार मसाला मिश्रणों में भी सोडियम की मात्रा हो सकती है। खरीदते समय इनके पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी जरूर देखें।
3. अचार और पापड़: स्वाद के साथ बढ़ सकता है सोडियम
भारतीय भोजन में अचार और पापड़ की अपनी खास जगह है। लेकिन इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने और स्वाद बनाए रखने के लिए अक्सर अधिक नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
यदि कोई व्यक्ति रोजाना भोजन के साथ अचार और पापड़ खाता है, तो उसे पता भी नहीं चलता कि उसके शरीर में कितना अतिरिक्त सोडियम पहुंच रहा है।
हाई बीपी के मरीजों को इनका सेवन सीमित रखना चाहिए। इनके स्थान पर नींबू, धनिया, पुदीना और अन्य ताजी सामग्री से बनी कम नमक वाली चटनी बेहतर विकल्प हो सकती है।
4. बाजार के सॉस और केचअप
टमाटर केचअप, सोया सॉस और दूसरे तैयार सॉस खाने का स्वाद बढ़ाते हैं। लेकिन इनमें सोडियम की मात्रा उत्पाद और ब्रांड के अनुसार काफी अलग हो सकती है।
खासकर सोया सॉस जैसे उत्पादों में सोडियम अधिक हो सकता है। इसलिए केवल स्वाद के आधार पर इनका इस्तेमाल बढ़ाना सही नहीं है।
घर पर बनी धनिया-पुदीना चटनी, टमाटर की ताजी चटनी और नींबू का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के बेहतर विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, इनमें भी नमक की मात्रा नियंत्रित रखें।
5. Coffee और Caffeine: जरूरत से ज्यादा सेवन से बचें
कॉफी और कैफीन वाले पेय कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। खासकर वे लोग जो नियमित कैफीन नहीं लेते या इसके प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। इसलिए सभी हाई बीपी मरीजों के लिए कॉफी पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है।
यदि कॉफी पीने के बाद आपका बीपी बढ़ता है या धड़कन तेज महसूस होती है, तो इसके सेवन को कम करने और डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। चाय, एनर्जी ड्रिंक और कुछ अन्य कैफीन युक्त पेय भी ध्यान में रखें।
बोनस टिप: देसी घी और ज्यादा फैट वाले भोजन पर भी रखें नजर
देसी घी भारतीय खानपान का पारंपरिक हिस्सा है, लेकिन इसे स्वास्थ्यवर्धक मानकर जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है।
घी में संतृप्त वसा (Saturated Fat) होती है। इसका अत्यधिक सेवन संतुलित आहार का हिस्सा नहीं होना चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी समस्याएं हैं।
हाई बीपी के मरीजों को घी के साथ-साथ तली हुई चीजों, अत्यधिक वसायुक्त भोजन और ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी नियंत्रित रखना चाहिए।
हाई बीपी नियंत्रित रखने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें
सिर्फ कुछ खाद्य पदार्थ छोड़ देने से ब्लड प्रेशर हमेशा नियंत्रित नहीं होता। इसके लिए जीवनशैली में भी सुधार करना जरूरी है।
- नमक की मात्रा मापें: पूरे दिन के खाने में इस्तेमाल होने वाले नमक पर नजर रखें।
- फल और सब्जियां खाएं: संतुलित आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- नियमित व्यायाम करें: अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।
- बीपी की नियमित निगरानी करें: सही तरीके से घर पर ब्लड प्रेशर मापें और रीडिंग का रिकॉर्ड रखें।
- दवाइयां बंद न करें: बीपी सामान्य आने पर भी डॉक्टर की सलाह के बिना दवा की खुराक कम या बंद न करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
यदि कई दिनों तक ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक आ रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। अपनी दवाइयों, खानपान और जीवनशैली की समीक्षा कराएं।
यदि ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg से अधिक आता है, तो कम से कम एक मिनट बाद दोबारा मापें। यदि रीडिंग इतनी ही बनी रहती है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी, सुन्नपन, नजर में बदलाव या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानें।
निष्कर्ष: हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए दवाइयों के साथ खानपान पर ध्यान देना भी जरूरी है। रसोई में मौजूद नमक, अचार, पापड़, तैयार सॉस और कैफीन का जरूरत से ज्यादा सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। छोटी-छोटी आदतों में सुधार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी से लंबे समय तक हृदय और अन्य अंगों की सेहत सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी डॉक्टर की जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी दवाइयों या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।




