छत्तीसगढ़ में विधायक रामकुमार टोप्पो से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नायब तहसीलदार द्वारा विधायक के खिलाफ नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाए जाने के बाद राजस्व अधिकारियों में आक्रोश बढ़ गया है। मामले को लेकर प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी और कर्मचारी कलमबंद एवं कामबंद हड़ताल पर बैठ गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
राजस्व अधिकारियों के संगठन ने आरोप लगाया कि घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। इसी कारण नायब तहसीलदार ने नार्को टेस्ट की मांग करते हुए जांच को और व्यापक बनाने की आवश्यकता बताई है। हड़ताल के चलते तहसील और राजस्व कार्यालयों के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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वहीं, प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और आंदोलनकारी अधिकारियों से बातचीत के प्रयास शुरू कर दिए हैं। राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले ने प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।


