हिमाचल प्रदेश के चंबा से एक बेहद दर्दनाक खबर आ रही है। यहां घूमने गए बेंगलुरु के दो परिवारों की अर्टिगा कार बैरागढ़-साच पास मार्ग पर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस भयानक हादसे में दो मासूम बच्चों समेत कुल 8 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सबसे दुखद बात यह है कि मरने वालों में छत्तीसगढ़ के भिलाई का एक ही परिवार शामिल है।शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में भिलाई के रहने वाले अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी पिंकी चंद्राकर और उनके दो बच्चे शामिल हैं। यह परिवार लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर नौकरी कर रहा था। गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए ये लोग बेंगलुरु से हिमाचल प्रदेश घूमने निकले थे। साच पास में बर्फबारी देखने की चाहत इस परिवार को भारी पड़ गई। भिलाई में जब उनके रिश्तेदारों को खबर मिली तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस दुख की घड़ी में मीडिया से बात करने से साफ मना कर दिया है।
यह हादसा शुक्रवार की रात चुराह इलाके के कालावन के पास हुआ। दोनों परिवारों ने डलहौजी से एक प्राइवेट टैक्सी बुक की थी। जब गाड़ी देर रात तक वापस होटल नहीं लौटी, तो ट्रैवल एजेंसी के मालिक को शक हुआ। उसने तुरंत गाड़ी का जीपीएस ट्रैक किया। लोकेशन चंबा के पास एक ही जगह पर रुकी हुई थी। इसके बाद जब स्थानीय लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो शनिवार दोपहर को गाड़ी खाई में पड़ी मिली। हादसे की जगह इतनी खतरनाक थी कि शनिवार को शवों को निकाला ही नहीं जा सका। चारों तरफ खड़ी पहाड़ियां, पथरीला रास्ता और मोबाइल नेटवर्क न होने से पुलिस को बड़ी दिक्कत आई। आखिरकार रविवार सुबह पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सियों के सहारे ह्यूमन चेन बनाई।
कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद सभी 8 शवों को खाई से बाहर निकाला जा सका। हिमाचल पुलिस ने शनिवार रात को ही दुर्ग पुलिस को इस हादसे की आधिकारिक सूचना दे दी थी। खबर मिलते ही भिलाई से परिवार के कुछ सदस्य हिमाचल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गाड़ी खाई में कैसे गिरी। क्या ड्राइवर को झपकी आई थी या फिर मोड़ पर गाड़ी फिसल गई, इसका पता लगाया जा रहा है।


