Maggi News: एक्सपायरी 2027 फिर भी मैगी में कीड़े मिलने का दावा, Nestlé ने कहा- पहले जांच जरूरी
मुंबई: पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। मुंबई के कल्याण इलाके में एक ग्राहक ने दावा किया है कि मैगी नूडल्स का पैकेट खोलने और उसे तैयार करने के दौरान उसमें कीड़े और लार्वा दिखाई दिए। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार संबंधित पैकेट पर फरवरी 2027 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पैकेट में वास्तव में किस वजह से कीड़े पहुंचे और क्या यह समस्या उत्पादन स्तर से जुड़ी थी या बाद की स्टोरेज प्रक्रिया से।
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ वायरल वीडियो या ग्राहक के दावे के आधार पर खाद्य उत्पाद में मिलावट या संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए संबंधित पैकेट और उसी बैच के नमूनों की वैज्ञानिक जांच जरूरी होगी।
एक्सपायरी डेट ने बढ़ाई चिंता, लेकिन असली जांच कई स्तरों पर होगी
किसी पैकेज्ड फूड पर एक्सपायरी या बेस्ट-बिफोर डेट का मतलब यह है कि निर्धारित परिस्थितियों में उत्पाद की गुणवत्ता एक तय अवधि तक बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि वैध अवधि वाले पैकेट में कीड़े पाए जाने का दावा सामने आता है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि समस्या आखिर किस चरण में हुई।
लेकिन केवल एक्सपायरी डेट देखकर उत्पादन प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना भी सही नहीं होगा। किसी खाद्य उत्पाद की स्थिति पर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग की अखंडता, परिवहन, दुकान या गोदाम में स्टोरेज और नमी जैसे कई कारक असर डाल सकते हैं।
यही कारण है कि इस मामले में नमूने की जांच घटना की वास्तविक वजह समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम होगी।
Nestlé India ने क्या कहा?
Nestlé India ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सामने आए मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी को इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। कंपनी के मुताबिक, संबंधित उपभोक्ता या खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से उसे सीधे शिकायत नहीं मिली थी और इसलिए वह इस विशेष दावे की प्रामाणिकता पर तत्काल टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके उत्पादन तंत्र में कच्चे माल की खरीद से लेकर अंतिम उत्पाद और पैकेजिंग तक कई स्तरों पर गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा जांच की जाती है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि शिकायत को नजरअंदाज किया जाना चाहिए। बल्कि इसका अगला तार्किक चरण यही होगा कि संबंधित उत्पाद का नमूना सुरक्षित किया जाए और सक्षम खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के माध्यम से उसकी जांच कराई जाए।
एक ही घटना से पूरे ब्रांड पर निष्कर्ष निकालना क्यों ठीक नहीं?
मैगी भारत में बड़े पैमाने पर खाया जाने वाला पैकेज्ड फूड है। इसलिए किसी एक पैकेट से जुड़ी शिकायत तेजी से लोगों की चिंता का विषय बन सकती है। लेकिन पत्रकारिता और खाद्य सुरक्षा, दोनों के लिहाज से एक व्यक्तिगत शिकायत और किसी उत्पाद की व्यापक गुणवत्ता समस्या के बीच अंतर करना जरूरी है।
अगर जांच में उत्पाद के भीतर किसी प्रकार का संक्रमण या गुणवत्ता संबंधी समस्या प्रमाणित होती है, तो फिर संबंधित बैच, वितरण श्रृंखला और स्टोरेज व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण होगी। इसके विपरीत, यदि नमूना मानकों के अनुरूप पाया जाता है, तो घटना के दूसरे संभावित कारणों पर ध्यान देना होगा।
यानी असली सवाल सिर्फ यह नहीं है कि “पैकेट में कीड़े मिले या नहीं”, बल्कि यह भी है कि यदि मिले, तो वे किस स्तर पर पहुंचे और क्या उसी बैच के दूसरे पैकेटों में भी ऐसी समस्या है?
महाराष्ट्र FDA की जांच से साफ हो सकती है तस्वीर
ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि संबंधित उत्पाद का आधिकारिक नमूना लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच की जाती है, तो इससे सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के बजाय वैज्ञानिक प्रमाण के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
जांच में पैकेट की सील, बैच नंबर, निर्माण विवरण, उत्पाद की स्थिति और जरूरत पड़ने पर समान बैच के अन्य नमूनों को भी देखा जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मामला किसी एक पैकेट तक सीमित है या व्यापक स्तर पर कोई समस्या मौजूद है।
ग्राहकों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर किसी ग्राहक को मैगी या किसी भी पैकेज्ड फूड के पैकेट में असामान्य चीज दिखाई देती है, तो उसे तुरंत खाने के बजाय उत्पाद को सुरक्षित रखना चाहिए। पैकेट, बैच नंबर, निर्माण/बेस्ट-बिफोर जानकारी और बिल उपलब्ध हो तो उसे संभालकर रखना उपयोगी होगा। साथ ही तस्वीर या वीडियो बनाकर शिकायत दर्ज कराने पर जांच के लिए जरूरी सबूत सुरक्षित रह सकते हैं।
सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के बजाय संबंधित कंपनी और खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण को शिकायत करना ज्यादा प्रभावी कदम है। इससे वास्तविक नमूने की जांच की संभावना बढ़ती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल जांच का है
कल्याण में सामने आया यह मामला निश्चित रूप से पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाता है, लेकिन अभी इसे मैगी के सभी पैकेटों या पूरे उत्पाद की गुणवत्ता पर निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
फिलहाल दो बातें अलग-अलग हैं—एक तरफ ग्राहक का कीड़े मिलने का दावा है और दूसरी तरफ कंपनी का कहना है कि उसे मामले की प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है और वह दावे की पुष्टि नहीं कर सकती।



