LPG Gas Saving Tips: गैस की बर्बादी रोकने के 5 दमदार तरीके, सिलेंडर ज्यादा दिन चलेगा
रसोई का बजट संभालना हो तो सिर्फ राशन की कीमतों पर ध्यान देना काफी नहीं है, खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली गैस की खपत पर नजर रखना भी जरूरी है। कई घरों में LPG सिलेंडर उम्मीद से पहले खत्म हो जाता है, जबकि इसकी वजह हमेशा ज्यादा खाना बनाना नहीं होती। कभी गैस जलाकर सब्जियां काटना, कभी जरूरत से ज्यादा तेज आंच रखना और कभी बर्तन को खुला छोड़ देना भी ईंधन की बर्बादी बढ़ा सकता है।
अच्छी बात यह है कि इन आदतों को बदलने के लिए महंगे उपकरण खरीदने या रोजमर्रा के खाने में बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं है। खाना बनाने की तैयारी, सही बर्तन और आंच का संतुलित इस्तेमाल करके गैस का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, सिलेंडर कितने दिन ज्यादा चलेगा, यह परिवार के सदस्यों, खाना पकाने की मात्रा, बर्नर और इस्तेमाल की आदतों पर निर्भर करता है। इसलिए बचत के किसी निश्चित दिन का दावा करना सही नहीं होगा।
1. हर समय तेज आंच पर खाना पकाने की आदत छोड़ें
जल्दी खाना बनाने के चक्कर में कई लोग गैस का फ्लेम लगातार तेज रखते हैं। लेकिन तेज आंच का मतलब हमेशा जल्दी खाना पकना नहीं होता। अगर फ्लेम बर्तन के तले से बाहर निकलने लगे, तो गर्मी का कुछ हिस्सा सीधे आसपास की हवा में चला जाता है।
इसलिए बर्तन के आकार के मुताबिक बर्नर चुनें और आंच को उसके अनुसार नियंत्रित रखें। दाल या सब्जी में उबाल आने के बाद अक्सर आंच कम की जा सकती है। धीमी या मध्यम आंच पर पकने वाले भोजन को बेवजह तेज फ्लेम पर रखने से बचें।
काम की बात: फ्लेम बर्तन के तले तक सीमित रहे, तो गर्मी का बेहतर उपयोग हो सकता है। खाना पकने के लिए जितनी आंच जरूरी है, उससे अधिक आंच देने का कोई फायदा नहीं।
2. गैस जलाने से पहले पूरी तैयारी कर लें
यह छोटी-सी आदत रोजाना होने वाली अनावश्यक गैस खपत को रोक सकती है। कई बार लोग पहले बर्नर जला देते हैं और फिर सब्जियां काटने, मसाले ढूंढने या तेल निकालने लगते हैं। इस दौरान गैस जलती रहती है, लेकिन खाना पकाने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती।
इससे बचने के लिए गैस जलाने से पहले:
- सब्जियां काटकर तैयार रखें।
- मसाले, तेल और दूसरे जरूरी सामान पास में रख लें।
- खाना पकाने के लिए सही बर्तन चुन लें।
- दाल या सब्जी में डालने के लिए जरूरी पानी और सामग्री तैयार रखें।
इससे खाना बनाने की प्रक्रिया व्यवस्थित रहती है और बर्नर बेवजह जलता नहीं रहता।
3. सही समय पर बर्तन पर ढक्कन लगाएं
खाना पकाते समय बर्तन को खुला छोड़ने से गर्मी और भाप तेजी से बाहर निकल सकती है। कई व्यंजनों में इससे पकने का समय बढ़ सकता है और गैस अधिक देर तक जलानी पड़ सकती है।
दाल, सब्जी और पानी उबालने जैसे कामों में उपयुक्त ढक्कन लगाने से गर्मी अंदर बनी रहती है और खाना पकाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, दूध या ऐसा भोजन जो उफन सकता है, उसे ढककर बिना निगरानी के न छोड़ें। प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते समय उसके निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।
4. बर्नर और बर्तनों की सफाई को नजरअंदाज न करें
गैस की खपत केवल खाना बनाने की आदतों से नहीं, उपकरणों की स्थिति से भी प्रभावित हो सकती है। बर्नर के छेदों में गंदगी जमा होने पर लौ असमान हो सकती है। ऐसी स्थिति में बर्नर की जांच और सही तरीके से सफाई कराना उपयोगी है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- बर्नर को ठंडा होने के बाद ही साफ करें।
- निर्माता के निर्देशों के अनुसार सफाई करें।
- बर्तन का तला साफ और समतल रखें।
- छोटे बर्तन के लिए जरूरत से बड़ा बर्नर इस्तेमाल न करें।
- यदि लौ लगातार पीली दिखे, कालिख बने या गैस की गंध आए, तो उपकरण की जांच कराएं।
गैस की लौ में असामान्य बदलाव होने पर केवल बचत के लिए प्रयोग न करें। गैस की गंध आने पर आग या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें, सुरक्षित रूप से जगह खाली करें और स्थानीय गैस आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।
5. दाल, चना और राजमा पहले भिगोकर रखें
चना, राजमा और कुछ अन्य दालों को पकाने से पहले भिगोने से उनका पकने का समय कम हो सकता है। इससे गैस लंबे समय तक जलाने की जरूरत घट सकती है। हालांकि, बचत की वास्तविक मात्रा भोजन की किस्म, भिगोने की अवधि और इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन पर निर्भर करती है।
राजमा और चने जैसे खाद्य पदार्थों को पर्याप्त रूप से पकाना जरूरी है। केवल गैस बचाने के लिए उन्हें अधपका न छोड़ें। प्रेशर कुकर इस्तेमाल करते समय उसकी क्षमता, पानी की मात्रा और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
क्या इन तरीकों से सिलेंडर सच में ज्यादा दिन चलेगा?
हां, अनावश्यक गैस खपत कम करने से सिलेंडर का इस्तेमाल अधिक कुशल हो सकता है। लेकिन यह कहना कि हर घर में सिलेंडर निश्चित रूप से 15 दिन ज्यादा चलेगा, सही नहीं होगा। किसी परिवार में खाना रोज एक बार बनता है, तो किसी घर में तीनों समय खाना पकता है। इसी तरह बर्नर की क्षमता और भोजन की मात्रा भी खपत पर असर डालती है।
सबसे बेहतर तरीका है कि आप कुछ सप्ताह तक अपनी रसोई की आदतों पर ध्यान दें। गैस जलाने से पहले तैयारी पूरी करें, जरूरत के मुताबिक आंच रखें, उपयुक्त बर्तन पर ढक्कन लगाएं और बर्नर की स्थिति ठीक रखें। इससे ईंधन का बेहतर उपयोग करने के साथ खाना बनाने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
निष्कर्ष: LPG बचाने के लिए सबसे पहले उन आदतों को बदलें जिनमें बिना जरूरत गैस जलती रहती है। छोटी-छोटी सावधानियां रोजाना अपनाई जाएं, तो लंबे समय में घरेलू बजट और ईंधन की खपत दोनों को संभालने में मदद मिल सकती है।




