कोरबा में महिला की हत्या का खुलासा, डॉग स्क्वॉड के सुराग से आरोपी गिरफ्तार
कोरबा: पसान थाना क्षेत्र के ग्राम लोखाड़ा में महिला सुखमनिया एक्का की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी सहस राम मिंज को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, वारदात के पीछे आरोपी की पत्नी के साथ मृतका की दोस्ती और साथ में शराब पीने को लेकर उपजा विवाद सामने आया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
कोरबा में महिला की हत्या का खुलासा, जांच में सामने आया विवाद
घटना उस समय हुई जब सुखमनिया एक्का अपने घर से कुछ दूरी पर थी। बताया गया है कि आरोपी और महिला के बीच उसकी पत्नी की शराब पीने की आदत को लेकर बहस हुई। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पत्थर से महिला के सिर पर वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शुरुआती विवाद का संबंध किसी बड़े आपराधिक घटनाक्रम से नहीं, बल्कि निजी संबंधों और शराब पीने की आदत को लेकर पैदा हुई नाराजगी से बताया जा रहा है। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियां और आरोपी की मंशा अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।
घटना के बाद महिला का शव घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पसान पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से खून लगा पत्थर बरामद किया गया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में लगाया।
पुलिस डॉग ‘बाघा’ ने घटनास्थल से गंध लेकर आसपास के कुछ घरों तक पहुंच बनाई। इनमें सहस राम मिंज का घर भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान में था पति, महिला घर पर थी अकेली
मृतका का पति रोजगार के सिलसिले में राजस्थान गया हुआ था और सुखमनिया घर पर अकेली रह रही थी। इसी दौरान यह घटना हुई। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कराया।
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी व्यक्ति के घर पर अकेले होने की स्थिति में आसपास के सामाजिक और सामुदायिक नेटवर्क की भूमिका कितनी अहम हो जाती है। ऐसी घटनाओं में शुरुआती सूचना, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी और घटनास्थल को सुरक्षित रखने में स्थानीय लोगों की सतर्कता जांच को दिशा दे सकती है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई की है। यह प्रावधान हत्या के लिए दंड से संबंधित है।



