कोरबा में अवैध शराब पर बड़ी चोट! धान के खेत से मिलीं गोवा व्हिस्की की 389 बोतलें
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध शराब की बिक्री का मामला सामने आया है। पसान थाना क्षेत्र की कोरबी चौकी पुलिस ने धान के खेत में छिपाकर रखी गई मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की 389 बोतलें जब्त की हैं। बरामद शराब की कुल मात्रा लगभग 70.02 लीटर बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त शराब गोवा व्हिस्की ब्रांड की है, जिसे छत्तीसगढ़ में बिक्री के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया था। इस कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में दूसरे राज्य से शराब लाकर अवैध रूप से बेचने की गतिविधियों पर ध्यान खींचा है।
खेत में छिपी शराब तक ऐसे पहुंची पुलिस
कोरबी चौकी पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अलगाडांड घोसरा निवासी धनसाय उर्फ धन्नू बिंझवार (45) ने अपने घर के पास स्थित धान के खेत में शराब छिपा रखी है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने टीम गठित की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर तलाशी ली। इस दौरान खेत से गोवा व्हिस्की की 389 बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने शराब जब्त करने के साथ ही आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ तक शराब की अवैध सप्लाई पर सवाल
इस मामले का अहम पहलू केवल शराब की जब्ती नहीं, बल्कि दूसरे राज्य में निर्मित शराब को छत्तीसगढ़ में अवैध बिक्री के लिए रखने का आरोप है। शराब का निर्माण एक राज्य में होना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन उसे दूसरे राज्य में बेचने के लिए संबंधित आबकारी नियमों, परमिट और कर संबंधी प्रावधानों का पालन करना जरूरी होता है।
ऐसे मामलों में जांच का दायरा केवल बरामद बोतलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शराब कहां से खरीदी गई, उसे कोरबा तक कैसे पहुंचाया गया और इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क था या नहीं—ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब आगे की जांच से सामने आ सकते हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं अवैध शराब के मामले
पुलिस के अनुसार, पसान थाना क्षेत्र में इससे पहले भी महुआ शराब और अंग्रेजी शराब जब्त की जा चुकी है। जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा और नशे से जुड़े कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में इस तरह के मामलों पर नियंत्रण के लिए नियमित गश्त, स्थानीय सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई और संदिग्ध आपूर्ति मार्गों की निगरानी महत्वपूर्ण होती है। केवल जब्ती और गिरफ्तारी से तत्काल कार्रवाई तो होती है, लेकिन अवैध कारोबार पर लंबे समय तक प्रभाव डालने के लिए सप्लाई के स्रोत तक पहुंचना भी जरूरी है।
आगे की जांच से खुल सकते हैं कई अहम पहलू
धान के खेत में शराब छिपाकर रखने का मामला यह भी दिखाता है कि अवैध कारोबार करने वाले लोग ग्रामीण परिवेश और आसपास की जगहों का इस्तेमाल भंडारण के लिए कर सकते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस की सूचना प्रणाली और आबकारी विभाग के साथ समन्वय अहम भूमिका निभाते हैं।
अब जांच में शराब की खरीद, परिवहन और संभावित बिक्री से जुड़े तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी व्यापक नेटवर्क के प्रमाण मिलते हैं, तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में शराब की जब्ती, आरोपी की गिरफ्तारी और आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
निष्कर्ष: कोरबा में 70.02 लीटर शराब की जब्ती अवैध बिक्री के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण मामला है। इस कार्रवाई का वास्तविक असर तब अधिक स्पष्ट होगा, जब जांच से शराब की आपूर्ति के स्रोत और बिक्री की योजना से जुड़े तथ्यों का भी पता चलेगा।



