सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर आयोजित
कोण्डागांव में ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर ने दिखाया जनसेवा का जमीनी असर, योजनाओं का लाभ लेकर लौटे हितग्राही
कोण्डागांव। सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ कागजों से निकलकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। इसी सोच के साथ कोण्डागांव नगर के डोंगरीपारा में आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर ने जनसेवा को योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ से जोड़ने की पहल की। शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही मंच पर पहुंचकर पात्र हितग्राहियों को सहायता, प्रमाण-पत्र और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

यह आयोजन ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 23 सितंबर को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अभियान का मूल उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और पात्र लोगों को उनका अधिकार दिलाना है।
योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलने से ग्रामीणों को मिली सुविधा
शिविर की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अलग-अलग जरूरतों से जुड़े विभाग एक ही स्थान पर मौजूद रहे। इससे हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ संबंधित सेवाओं तक पहुंच बनाने का अवसर मिला।
श्रम विभाग की योजनाओं के तहत चार हितग्राहियों को कुल 80 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इनमें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के दो तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के तीन हितग्राहियों को सहायता दिए जाने की जानकारी कार्यक्रम में सामने आई।
इसी तरह स्वामित्व योजना के तहत आठ हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की स्पष्टता भविष्य में कई प्रशासनिक और आर्थिक प्रक्रियाओं को आसान बना सकती है।
समाज कल्याण विभाग ने आठ दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराई। ऐसी सहायता केवल एक उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि संबंधित व्यक्ति की आवागमन क्षमता और दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी उपयोगी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह बच्चों को जन्म प्रमाण-पत्र और 11 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड दिए गए। शिक्षा विभाग ने 15 बच्चों को जाति प्रमाण-पत्र प्रदान किए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया, जबकि सक्षम योजना के तहत दो हितग्राहियों को चेक वितरित किए गए।
जनभागीदारी से सेवा अभियान को मिल रहा स्थानीय स्वरूप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी ने विभिन्न सेवा गतिविधियों के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
प्रभारी मंत्री देवांगन ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जिसमें लोगों ने अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित कर सहभागिता की।
इस तरह अभियान को केवल एक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसका एक व्यावहारिक पक्ष यह भी है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक पहुंच सके, जो पात्र होने के बावजूद जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में लाभ से वंचित रह जाते हैं।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना होगी अभियान की असली कसौटी
किसी भी जनकल्याणकारी योजना की सफलता का आकलन केवल स्वीकृत लाभार्थियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से किया जा सकता है कि जरूरतमंद व्यक्ति तक सुविधा कितनी आसानी से पहुंची। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता, दस्तावेज और विभागीय प्रक्रियाएं कई बार लाभ लेने में चुनौती बनती हैं।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजित सेवा शिविर लोगों और प्रशासनिक तंत्र के बीच सीधा संपर्क बनाने का माध्यम बन सकते हैं। यदि इसी तरह पात्र लोगों की पहचान, दस्तावेजी सहायता और योजना से जुड़ी जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जाए, तो सरकारी योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों को बेहतर किया जा सकता है।



