वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच India ने 2025-26 में निर्यात के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का कुल व्यापार 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। यह उपलब्धि मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और डिजिटल निर्यात में लगातार बढ़ोतरी का परिणाम मानी जा रही है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और आईटी सेवाओं ने निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ने और नए व्यापारिक समझौतों के कारण निर्यात को मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में और मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात में यह रिकॉर्ड उछाल आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन और निवेश बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार ने उम्मीद जताई है कि बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और व्यापार सुधारों पर जोर देकर इस गति को आगे भी बनाए रखा जाएगा।


