पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में एलपीजी सिलिंडर की खपत में करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई है। सप्लाई चेन में बाधा और आयात लागत बढ़ने के कारण घरेलू और कमर्शियल दोनों सेगमेंट पर दबाव बढ़ा है, जिससे गैस वितरण कंपनियों की चिंता भी बढ़ गई है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि Indian Oil Corporation समेत प्रमुख तेल और गैस कंपनियों पर आयात लागत बढ़ने का सीधा असर पड़ रहा है। पश्चिम एशिया से होने वाली सप्लाई में अनिश्चितता के कारण गैर-घरेलू यानी होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को मिलने वाली गैस की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है।
विश्लेषकों के मुताबिक अगर क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो गैस की कीमतों और सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है। इसका असर महंगाई और छोटे कारोबारों की लागत पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे ऊर्जा बाजार पर निगाहें बनी हुई हैं।


