2026 की शुरुआत में स्मार्टफोन निर्यात को बड़ा झटका लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल की पहली तिमाही में शिपमेंट में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले छह वर्षों का सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक मांग में कमी, सप्लाई चेन की चुनौतियां और आर्थिक अनिश्चितता इस गिरावट की प्रमुख वजहें हैं। इसका असर खासतौर पर India सहित कई बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब पर देखा जा रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक, यूरोप और एशिया के कई बाजारों में उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर महंगाई और ब्याज दरों का असर पड़ा है, जिससे नए स्मार्टफोन की मांग धीमी हुई है। इसके अलावा, कई कंपनियों ने पिछले साल अधिक उत्पादन कर लिया था, जिसके कारण इस साल इन्वेंट्री का दबाव बना हुआ है और नए ऑर्डर कम मिले हैं।
read also: संसद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में त्योहारों और नए मॉडल लॉन्च के साथ मांग में सुधार हो सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक हालात और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर काफी कुछ निर्भर करेगा, जिससे यह तय होगा कि स्मार्टफोन निर्यात कितनी जल्दी पटरी पर लौट पाता है।


