IND vs WI: कोहली का रिकॉर्डतोड़ 139, गिल की सेंचुरी ने रचा जीत का मंच; भारत ने 50 गेंद बाकी रहते जीता पहला वनडे
तिरुवनंतपुरम: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शानदार जीत के साथ किया। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने 296 रन का लक्ष्य सिर्फ 41.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया और 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। विराट कोहली 139 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने 110 रन की शतकीय पारी खेली। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
कोहली की पारी सिर्फ शतक नहीं, एक बड़ा रिकॉर्ड भी
296 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को शुरुआत में रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने संभाला। रोहित 32 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद विराट कोहली ने मोर्चा संभाल लिया। गिल और कोहली के बीच दूसरे विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी ने वेस्टइंडीज की वापसी की उम्मीदों को काफी हद तक खत्म कर दिया।
गिल 110 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन कोहली अंत तक क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने केवल 88 गेंदों में नाबाद 139 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। उन्होंने छक्के के साथ शतक पूरा किया और फिर छक्के से ही भारत को जीत तक पहुंचाया।
इस पारी के दौरान कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे कर लिए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि कोहली ने यह आंकड़ा 303 पारियों में हासिल किया, जबकि तेंदुलकर को 377 पारियां लगी थीं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ भी कोहली के नाम एक और बड़ा आंकड़ा जुड़ा। इस टीम के खिलाफ उनका यह 10वां वनडे शतक रहा। यानी एक ही मुकाबले में कोहली की पारी ने भारत की जीत को आसान करने के साथ उनके रिकॉर्ड बुक में भी कई नई उपलब्धियां जोड़ दीं।
गिल ने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी संभाली जिम्मेदारी
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत तौर पर भी खास रहा। उन्होंने 108 गेंदों में 110 रन बनाए और पारी को उस समय स्थिरता दी जब रोहित शर्मा के आउट होने के बाद भारतीय टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी।
गिल और कोहली की 151 रन की साझेदारी ने लक्ष्य का दबाव लगभग खत्म कर दिया। गिल के आउट होने के बाद भी कोहली ने आक्रामक रुख बनाए रखा और रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर टीम को मंजिल तक पहुंचा दिया। भारत ने 50 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल किया।
यह साझेदारी आने वाले मुकाबलों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय वनडे टीम में अनुभव और नई पीढ़ी की जिम्मेदारी एक साथ दिखाई दी।
वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाकर दिया था चुनौतीपूर्ण लक्ष्य
इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 295 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स ने 101 रन की पारी खेलकर अपना पहला वनडे शतक लगाया। उनके साथ जॉन कैंपबेल ने 62 रन बनाए और दोनों ने शुरुआती विकेट के लिए 135 रन जोड़े।
अंतिम ओवरों में अमीर जांगू ने 43 गेंदों में नाबाद 58 रन बनाकर वेस्टइंडीज को 300 रन के करीब पहुंचाया। एक समय मजबूत शुरुआत मिलने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर स्कोर को नियंत्रित रखा।
कुलदीप यादव भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा को दो विकेट मिले।
भारत के लिए सबसे बड़ा संकेत क्या रहा?
इस मुकाबले की खासियत केवल दो शतक या आठ विकेट की जीत नहीं रही। भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए 295 रन के स्कोर को सीमित किया और फिर लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआती विकेट गिरने के बाद भी रनरेट पर नियंत्रण बनाए रखा।
कप्तान गिल की शतकीय पारी और कोहली की विस्फोटक नाबाद पारी ने यह दिखाया कि भारत के पास लक्ष्य का पीछा करने के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों के लिए बल्लेबाजी के कई विकल्प मौजूद हैं। वहीं कुलदीप की चार विकेट की गेंदबाजी ने यह भी स्पष्ट किया कि बीच के ओवरों में विकेट हासिल करना मैच का रुख बदल सकता है।
इस सीरीज का महत्व आगे इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि भारत की वनडे टीम की तैयारियों में हर मुकाबले से खिलाड़ियों के संयोजन और भूमिकाओं को परखने का मौका मिल रहा है। टॉस के समय गिल ने भी टीम संयोजन को आजमाने और आगे के मैचों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अवसर देने की बात कही थी।



