संयुक्त राज्य अमेरिका में महंगाई ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, और इसके पीछे ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध खर्च को बड़ी वजह माना जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार ऊर्जा, ईंधन और सप्लाई चेन लागत में तेज बढ़ोतरी से उपभोक्ता कीमतों में उछाल आया है। बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है और सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां भी चर्चा में आ गई हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि युद्ध से जुड़े फैसलों और वैश्विक तनाव ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाला है, जिसका असर अब महंगाई के रूप में दिख रहा है। खास तौर पर तेल की कीमतों में उछाल और रक्षा खर्च में वृद्धि को बड़ी वजह माना जा रहा है।
read also: मनमाने हवाई किराये पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार से पूछा—तीन बार समय दिया, हलफनामा अब तक क्यों नहीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो महंगाई पर काबू पाना और मुश्किल हो सकता है। आने वाले महीनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।


