Weather Alert: 2 अक्टूबर तक कई राज्यों में बारिश का दौर, यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी
नई दिल्ली। सितंबर का आखिरी सप्ताह खत्म होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 2 अक्टूबर तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। सबसे ज्यादा ध्यान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पर है, जहां 26 और 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
इस मौसम प्रणाली का असर केवल एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं रहने वाला है। मध्य भारत से लेकर पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय हिस्सों तक अलग-अलग दिनों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम सिर्फ छाता लेकर निकलने तक का मामला नहीं है, बल्कि स्थानीय जलभराव, तेज हवाओं, बिजली गिरने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसे जोखिमों को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।
यूपी और उत्तराखंड में सबसे पहले बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। 27 सितंबर को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश तथा पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा भी रहेगा। IMD के सब-डिविजनल अलर्ट में 28 सितंबर के बाद इन दोनों क्षेत्रों के लिए तत्काल भारी बारिश की चेतावनी में कमी दिखाई गई है।
उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेंगे। इन दिनों अत्यधिक भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 28 सितंबर को भी भारी बारिश और गरज-चमक का असर कुछ इलाकों में बना रह सकता है। इसके बाद 29 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने का अनुमान है।
पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की बारिश का असर मैदानी इलाकों से अलग होता है। कम समय में बहुत ज्यादा पानी गिरने पर नालों का बहाव बढ़ सकता है और कमजोर ढलानों पर भूस्खलन का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए पर्वतीय जिलों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी बदलेगा मौसम
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 26-27 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। IMD के अनुसार इन इलाकों में हवा की गति तेज झोंकों के साथ काफी बढ़ सकती है। पंजाब में भी 27 सितंबर को भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई है।
इसका असर यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है। शहरी क्षेत्रों में कम समय में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की संभावना रहती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय रहेगा मौसम
मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मौजूदा मौसम प्रणाली का प्रभाव दिखाई दे रहा है। IMD के पूर्वानुमान में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 26 सितंबर से लेकर अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का संकेत है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। किसानों के लिए इस समय खेतों में खड़ी फसल, कटाई के लिए तैयार उपज और जल निकासी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का असर
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी-तूफान का दौर रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में ओडिशा समेत कुछ इलाकों में भारी बारिश की गतिविधि विशेष रूप से उल्लेखित है।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ के नीचे खड़े होने और अनावश्यक यात्रा से बचना महत्वपूर्ण होगा, खासकर तब जब स्थानीय स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट जारी हो।
राजस्थान से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक असर
राजस्थान में भी 26 से 30 सितंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी हिस्से की तुलना में अधिक सक्रिय रह सकती हैं।
महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में भी 2 अक्टूबर तक अलग-अलग दिनों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं दक्षिण भारत में कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
2 अक्टूबर तक एक जैसा नहीं रहेगा मौसम
पूरे देश के लिए इस पूर्वानुमान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बारिश एक साथ हर जगह नहीं होगी। कुछ राज्यों में 26-27 सितंबर को मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा, जबकि दूसरे क्षेत्रों में 28 सितंबर के बाद बारिश बढ़ सकती है। इसलिए केवल “देशभर में बारिश” कहने के बजाय स्थानीय और जिला स्तर की चेतावनियों को देखना ज्यादा उपयोगी होगा।
मौसम पूर्वानुमान समय के साथ अपडेट होता है। खासकर भारी बारिश और आंधी से जुड़े अलर्ट में अंतिम समय पर बदलाव संभव है। ऐसे में यात्रा, खेती या किसी खुले आयोजन की योजना बनाने वालों को अपने क्षेत्र का ताजा IMD अलर्ट जरूर देखना चाहिए।



