राशन कार्ड वालों के लिए जरूरी खबर: E-KYC नहीं हुई तो अटक सकता है राशन, बिलासपुर में 3 दिन का विशेष कैंप
बिलासपुर: राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों की ई-केवाईसी और आधार सीडिंग अब सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं रह गई है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने और रिकॉर्ड को अपडेट रखने के लिए यह सत्यापन महत्वपूर्ण है। बिलासपुर जिले में बड़ी संख्या में हितग्राहियों का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को राहत देने के लिए खाद्य विभाग ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक विशेष ‘सेवा सेतु कैंप’ लगाने का फैसला किया है।
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि तकनीकी समस्या या सत्यापन पूरा नहीं होने के कारण कोई पात्र परिवार परेशानी में न पड़े। विभाग ने इसी उद्देश्य से नियमित राशन दुकानों से अलग विशेष स्तर पर समाधान की व्यवस्था की है।
तीन दिन का मौका, मौके पर होगा समाधान
28, 29 और 30 सितंबर को बिलासपुर जिला मुख्यालय तथा विकासखंड स्तर पर विशेष काउंटर लगाए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में नेहरू चौक स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सभाकक्ष और विकासखंडों में जनपद पंचायत कार्यालयों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। यहां तकनीकी टीम ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और मोबाइल नंबर से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायता करेगी।
इस व्यवस्था का फायदा उन परिवारों को विशेष रूप से मिल सकता है जिन्हें राशन दुकान पर बार-बार तकनीकी दिक्कतों के कारण वापस लौटना पड़ा है।
बुजुर्गों के लिए फिंगरप्रिंट बना बड़ी समस्या
ई-केवाईसी की प्रक्रिया में सबसे व्यावहारिक समस्याओं में से एक बायोमेट्रिक सत्यापन है। उम्र बढ़ने के साथ उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहने पर फिंगरप्रिंट मशीन में पहचान दर्ज करने में परेशानी हो सकती है। मजदूरी या लगातार मेहनत करने वाले लोगों के मामले में भी ऐसी दिक्कत सामने आ सकती है।
इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और सर्वर की समस्या के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में केवल यह कहना पर्याप्त नहीं कि हितग्राही ने सत्यापन नहीं कराया। यह देखना भी जरूरी है कि सत्यापन न होने की वजह क्या थी।
यही कारण है कि विशेष कैंप में वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था के जरिए लंबित मामलों को निपटाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जिनका रिकॉर्ड पात्र होने के बावजूद तकनीकी कारणों से अपडेट नहीं हो पाया।
किन दस्तावेजों के साथ जाएं?
कैंप में जाने वाले हितग्राहियों को प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए। विशेष रूप से:
- मूल राशन कार्ड
- परिवार के संबंधित सदस्यों के आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर
- नए सदस्य को जोड़ने या संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेज, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या निवास संबंधी प्रमाण
- उज्ज्वला योजना से संबंधित काम के लिए गैस कनेक्शन की डायरी/दस्तावेज
दस्तावेज पूरे होने से मौके पर रिकॉर्ड की जांच और सुधार की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है।
सिर्फ E-KYC ही नहीं, दूसरी सेवाओं का भी फायदा
विशेष कैंप को केवल राशन कार्ड सत्यापन तक सीमित नहीं रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यहां वन नेशन-वन राशन कार्ड, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और उज्ज्वला योजना से संबंधित लंबित मामलों की जानकारी और समाधान भी किया जाएगा।
इसका मतलब है कि जिन परिवारों का आवेदन किसी तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण लंबित है, वे भी संबंधित समस्या के समाधान के लिए कैंप में जानकारी ले सकते हैं।
छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग की आधिकारिक नागरिक सेवा प्रणाली में राशन कार्ड की जानकारी और आधार सीडिंग की स्थिति देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। किसी हितग्राही को अपनी स्थिति को लेकर संदेह हो तो वह पहले रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त कर सकता है। विभाग ने खाद्य संबंधी शिकायतों के लिए 1800-233-3663 और 1967 हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए हैं।
पात्र परिवार अंतिम समय का इंतजार न करें
राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए नियमित खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। इसलिए E-KYC से जुड़ी समस्या को अंतिम दिन तक टालना व्यावहारिक नहीं है। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग, दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र के लोग या वे परिवार जिनका बायोमेट्रिक कई बार फेल हो चुका है, उन्हें उपलब्ध विशेष कैंप का इस्तेमाल करना चाहिए।
साथ ही, E-KYC लंबित होने और किसी परिवार को अपात्र घोषित किए जाने को एक ही बात नहीं माना जाना चाहिए। तकनीकी समस्या, दस्तावेज की कमी और वास्तविक अपात्रता अलग-अलग स्थितियां हैं। इसलिए पात्र हितग्राहियों के मामलों में सत्यापन की उचित प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण है।



