ITC ने फिर बढ़ाए Gold Flake Premium के दाम, ₹135 हुआ 10 सिगरेट का पैक; इस साल दूसरी बार कीमतों में इजाफा
नई दिल्ली। सिगरेट खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए सितंबर में एक और कीमत बढ़ोतरी सामने आई है। ITC ने अपने लोकप्रिय Gold Flake Premium ब्रांड के 10 सिगरेट वाले पैक की कीमत ₹125 से बढ़ाकर ₹135 कर दी है। यानी एक पैक पर सीधे ₹10 की बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव सितंबर 2026 में सामने आया है और इस साल इस ब्रांड की दूसरी बड़ी कीमत वृद्धि है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नई कीमतें डीलर स्तर पर सामने आई हैं।
छह महीने में ₹20 महंगी हुई Gold Flake Premium
इस बढ़ोतरी को केवल सितंबर की ₹10 की वृद्धि के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। जून 2026 में भी Gold Flake Premium के 10 सिगरेट वाले पैक की कीमत ₹115 से बढ़ाकर ₹125 की गई थी। अब सितंबर में यह ₹135 पहुंच गई है।
इस तरह साल की शुरुआत में ₹115 की कीमत से तुलना करें तो पैक अब ₹20 महंगा हो चुका है। कुल मिलाकर कीमत में लगभग 17.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। सितंबर की अकेली बढ़ोतरी करीब 8 फीसदी बैठती है।
यानी जो उपभोक्ता नियमित रूप से यही पैक खरीदता है, उसके लिए कीमत में बदलाव केवल एक बार का अतिरिक्त खर्च नहीं है। लगातार दूसरी वृद्धि होने से महीने और साल के कुल खर्च पर इसका असर ज्यादा दिखाई देता है।
ITC के दूसरे सिगरेट ब्रांड भी महंगे
कीमतों में बदलाव केवल Gold Flake Premium तक सीमित नहीं है। सितंबर में ITC के अन्य ब्रांडों के दाम भी बढ़े हैं।
Classic Connect के 20 सिगरेट वाले पैक की कीमत ₹390 से बढ़कर ₹428 हो गई है। यह करीब 9.74 फीसदी की वृद्धि है। वहीं Gold Flake Super Star के 10 सिगरेट वाले पैक की कीमत ₹79 से बढ़कर ₹89 हो गई है, यानी करीब 12.66 फीसदी की बढ़ोतरी।
Classic Connect की कीमत में इस साल पहले भी बदलाव हुए थे। फरवरी में इसकी कीमत ₹300 से बढ़ाकर ₹360 और बाद में ₹390 की गई थी। इसी तरह Gold Flake Super Star की कीमत पहले ₹59 से ₹70 और फिर ₹79 तक पहुंची थी।
इससे स्पष्ट है कि 2026 में सिगरेट कंपनियों के लिए कीमतों का समायोजन एक ही चरण में पूरा नहीं हुआ, बल्कि अलग-अलग ब्रांड और श्रेणियों में अलग समय पर बदलाव दिखाई दिए हैं।
कीमत बढ़ने के पीछे टैक्स में बदलाव की भूमिका
इस साल सिगरेट की कीमतों में आए बदलाव को फरवरी 2026 से लागू हुए नए कर और एक्साइज ड्यूटी ढांचे के संदर्भ में देखा जा रहा है। 1 फरवरी से सिगरेट पर 40 फीसदी GST व्यवस्था और अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी में बदलाव लागू हुए। अतिरिक्त ड्यूटी सिगरेट की लंबाई और फिल्टर जैसी विशेषताओं के आधार पर अलग हो सकती है।
ऐसे बदलावों का असर कंपनियों की लागत संरचना और अंतिम खुदरा कीमत पर पड़ सकता है। हालांकि किसी खास पैक की कीमत में हुई पूरी वृद्धि को केवल एक ही कर घटक से जोड़ना सही नहीं होगा, क्योंकि अंतिम कीमत पर उत्पाद श्रेणी, कंपनी की मूल्य निर्धारण रणनीति और बाजार परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
लगातार महंगी सिगरेट से क्या बदल सकता है?
सिगरेट की कीमत बढ़ने का असर केवल दुकानदार के बिल तक सीमित नहीं रहता। नियमित उपभोक्ताओं के लिए प्रति पैक कुछ रुपये की बढ़ोतरी भी लंबे समय में बड़ा खर्च बन सकती है।
मसलन, Gold Flake Premium के 10 सिगरेट वाले पैक की कीमत ₹115 से ₹135 होने का मतलब है कि हर पैक पर ₹20 अतिरिक्त खर्च। अगर कोई व्यक्ति महीने में 10 पैक खरीदता है, तो केवल इस अंतर से करीब ₹200 प्रति माह और लगभग ₹2,400 सालाना का अतिरिक्त खर्च बनता है।
कीमतों में लगातार वृद्धि का एक दूसरा संभावित प्रभाव उपभोक्ताओं का अलग-अलग मूल्य श्रेणियों के उत्पादों की ओर जाना है। बाजार में इसे ‘डाउनट्रेडिंग’ के रूप में देखा जाता है—यानी कुछ उपभोक्ता महंगे ब्रांड की जगह कम कीमत वाले विकल्प तलाश सकते हैं। हालांकि हर उपभोक्ता का व्यवहार समान नहीं होता और इसका वास्तविक असर बिक्री के आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।
आगे भी कीमतों पर नजर रहेगी
2026 में पहले ही कई दौर में सिगरेट की कीमतें बढ़ी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं और बाजार दोनों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनियां टैक्स एवं ड्यूटी में बदलाव के असर को किस तरह कीमतों में समायोजित करती हैं।



