भेरू घाट में एक के बाद एक टकराए वाहन, यात्री बस भी आई चपेट में; 5 लोग घायल, फोरलेन पर लगा लंबा जाम
महू। इंदौर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह राऊ-खलघाट फोरलेन के भेरू घाट पर अचानक हुए सड़क हादसे ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। घाट की ढलान पर एक के बाद एक कई वाहन टकरा गए। इस श्रृंखलाबद्ध टक्कर में एक यात्री बस भी चपेट में आ गई। हादसे में करीब पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हादसा सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 5 से 7 वाहन इस टक्कर में शामिल रहे। दुर्घटना के बाद फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
ढलान पर बिगड़ा संतुलन, पीछे आते वाहन भी भिड़ते गए
भेरू घाट जैसे ढलान वाले हिस्सों में किसी एक वाहन के अचानक रुकने या नियंत्रण बिगड़ने पर पीछे चल रहे वाहनों के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय बचता है। यही वजह है कि यहां छोटी दुर्घटना भी कुछ ही क्षणों में मल्टी-व्हीकल क्रैश में बदल सकती है।
बुधवार को भी इसी तरह कई वाहन एक-दूसरे की चपेट में आए। टक्कर में यात्री बस के शामिल होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक शुरुआत किस वाहन से हुई और टक्कर का तत्काल कारण क्या था, इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आयशर चालक वाहन में फंसा, आधे घंटे की मशक्कत के बाद निकाला
हादसे के बाद एक आयशर वाहन का चालक अपने वाहन में फंस गया। उसे बाहर निकालने के लिए करीब 30 मिनट तक प्रयास किया गया। बचाव के बाद टोल एंबुलेंस की सहायता से घायल चालक को उपचार के लिए मानपुर अस्पताल भेजा गया।
अन्य घायलों को भी हादसे के बाद चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। उपलब्ध जानकारी में किसी मौत की पुष्टि नहीं है।
हादसे के बाद फोरलेन पर क्यों लगा लंबा जाम?
कई वाहनों के एक साथ दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण सड़क का हिस्सा अवरुद्ध हो गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और घायलों की मदद के दौरान यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई।
फोरलेन होने के बावजूद घाट क्षेत्र में दुर्घटना के बाद जाम तेजी से बढ़ सकता है, क्योंकि ढलान, मोड़ और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण वैकल्पिक लेन में ट्रैफिक डायवर्ट करना आसान नहीं होता।
ऐसे हादसों में क्रेन, एंबुलेंस और पुलिस की त्वरित पहुंच केवल राहत कार्य के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क को जल्द खाली कराने के लिए भी महत्वपूर्ण होती है।
घाट की ढलान पर ड्राइविंग में छोटी गलती पड़ सकती है भारी
राऊ-खलघाट मार्ग पर घाट का हिस्सा होने के कारण वाहन चालकों को सामान्य फोरलेन की तुलना में अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। विशेष रूप से भारी वाहन ढलान पर गति नियंत्रित रखने के लिए ब्रेकिंग सिस्टम और उचित गियर का इस्तेमाल करते हैं।
तेज गति, अचानक ब्रेक लगाना, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी न रखना या ढलान पर वाहन का नियंत्रण बिगड़ना श्रृंखलाबद्ध दुर्घटना का कारण बन सकता है। हालांकि इस हादसे में इनमें से किसी विशेष कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यात्रियों और वाहन चालकों के लिए ऐसे मार्ग पर सबसे अहम बात यह है कि आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी रखी जाए और घाट की ढलान पर अचानक ओवरटेक या तेज रफ्तार से बचा जाए।
आगे जांच में सामने आएगा हादसे का वास्तविक कारण
फिलहाल सामने आई जानकारी दुर्घटना में कई वाहनों के टकराने और लोगों के घायल होने तक सीमित है। दुर्घटना की शुरुआत कैसे हुई, किस वाहन की भूमिका रही और क्या सड़क या वाहन से जुड़ा कोई तकनीकी कारण था—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
घाट क्षेत्र में बार-बार यातायात बाधित होने या दुर्घटनाओं की स्थिति में केवल दुर्घटना के बाद राहत व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय स्पीड कंट्रोल, चेतावनी संकेत, क्रैश बैरियर, सड़क की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की भी समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।



