रायपुर एयरपोर्ट को मिला अनुभवी नेतृत्व: मोहम्मद आरिफ संभालेंगे कमान, यात्री सुविधाओं पर बड़ा फोकस
रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर को अब संचालन और यात्री सेवाओं के मोर्चे पर नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने मोहम्मद आरिफ को रायपुर एयरपोर्ट का नया एयरपोर्ट डायरेक्टर नियुक्त किया है। वे 6 अक्टूबर 2026 से पदभार संभालेंगे।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब रायपुर की हवाई कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियों के लिए लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। राजधानी होने के साथ रायपुर प्रदेश के व्यापार, उद्योग, प्रशासन और चिकित्सा सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में एयरपोर्ट की क्षमता से ज्यादा अहम उसकी संचालन व्यवस्था और यात्री अनुभव भी हो जाता है।
बागडोगरा और कोयंबटूर का अनुभव आएगा काम
मोहम्मद आरिफ AAI के वाणिज्यिक विभाग से जुड़े अधिकारी हैं और एयरपोर्ट संचालन का अच्छा अनुभव रखते हैं। वे इससे पहले बागडोगरा एयरपोर्ट और कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इन दोनों एयरपोर्ट पर काम करने का अनुभव रायपुर के लिए इसलिए उपयोगी हो सकता है क्योंकि एयरपोर्ट डायरेक्टर की भूमिका केवल फ्लाइट संचालन तक सीमित नहीं होती। टर्मिनल प्रबंधन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, यात्रियों की सुविधाएं, शिकायतों का समाधान, एयरपोर्ट परिसर की व्यवस्था और एयरलाइंस से जुड़े परिचालन मुद्दे भी इसकी जिम्मेदारी का हिस्सा होते हैं।
यही अनुभव नए डायरेक्टर के सामने आने वाली स्थानीय चुनौतियों को समझने में मदद कर सकता है।
अब असली परीक्षा यात्री अनुभव की
किसी भी एयरपोर्ट की सफलता केवल विमानों की संख्या या नए रूट से नहीं मापी जाती। यात्री के लिए चेक-इन से लेकर बोर्डिंग और बैगेज क्लेम तक पूरी प्रक्रिया कितनी सुचारु है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
रायपुर एयरपोर्ट पर नए नेतृत्व के सामने इसलिए कई व्यावहारिक प्राथमिकताएं रहेंगी—पीक आवर्स में भीड़ का बेहतर प्रबंधन, चेक-इन और सिक्योरिटी प्रक्रिया में सुगमता, साफ-सफाई, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, बैगेज डिलीवरी और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया।
अगर इन क्षेत्रों में सुधार दिखाई देता है, तो इसका सीधा असर रायपुर से यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों पर पड़ेगा।
रायपुर के लिए एयरपोर्ट क्यों अहम है?
रायपुर केवल प्रदेश की राजधानी नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और कारोबारी नेटवर्क से जुड़ा प्रमुख हवाई केंद्र है। राज्य में निवेश, व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ हवाई यात्रा की जरूरत भी बढ़ती है।
ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन की भूमिका भविष्य में और महत्वपूर्ण होगी। यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा; मौजूदा सुविधाओं का कुशल संचालन भी जरूरी होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट प्रबंधन में छोटी परिचालन कमियां भी यात्रियों के अनुभव पर बड़ा असर डाल सकती हैं। इसलिए नए डायरेक्टर के सामने चुनौती यह होगी कि एयरपोर्ट के मौजूदा संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करते हुए सेवाओं को यात्री-केंद्रित बनाया जाए।
नई जिम्मेदारी में किन क्षेत्रों पर नजर रहेगी?
मोहम्मद आरिफ के कार्यभार संभालने के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में बदलाव पर नजर रहेगी:
- यात्री सुविधाओं और टर्मिनल सेवाओं में सुधार
- एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय
- भीड़ वाले समय में संचालन को अधिक व्यवस्थित करना
- यात्रियों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
- एयरपोर्ट की व्यावसायिक और परिचालन क्षमता को मजबूत करना
हालांकि, इन क्षेत्रों में वास्तविक सुधार का आकलन उनके कार्यभार संभालने के बाद प्रदर्शन और यात्रियों के अनुभव के आधार पर ही किया जा सकेगा।
नियुक्ति का बड़ा संदेश
रायपुर एयरपोर्ट के लिए यह बदलाव केवल प्रशासनिक नियुक्ति नहीं है। अनुभवी अधिकारी को जिम्मेदारी मिलने से उम्मीद है कि एयरपोर्ट संचालन में उनके पूर्व अनुभव का लाभ यहां मिल सकता है।
लेकिन आगे की सफलता नियुक्ति से ज्यादा कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में यात्रियों की अपेक्षाएं भी बदल रही हैं। अब यात्री केवल समय पर उड़ान नहीं चाहता, बल्कि पूरी यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित अनुभव के रूप में देखता है।
मोहम्मद आरिफ के सामने इसलिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि रायपुर एयरपोर्ट को केवल एक यात्रा केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि बेहतर यात्री अनुभव और कुशल संचालन की पहचान के रूप में मजबूत किया जाए।



