Swachh Survey 2025-26: छत्तीसगढ़ की शानदार जीत, रायपुर-बिलासपुर और बिल्हा को मिलेगा बड़ा राष्ट्रीय सम्मान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और स्वच्छता प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में प्रदेश के तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा का राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन हुआ है। तीनों शहरों को 11 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। यह उपलब्धि केवल शहरों की सफाई व्यवस्था की सफलता नहीं, बल्कि प्रशासन, सफाई कर्मचारियों और आम नागरिकों के साझा प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
एक ही राज्य के तीन शहरी निकायों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में स्वच्छता को लेकर किए जा रहे प्रयासों का असर दिखाई देने लगा है। खास बात यह है कि इस उपलब्धि में बड़े शहरों के साथ बिल्हा जैसे छोटे शहरी निकाय को भी राष्ट्रीय पहचान मिली है।
सफाई मित्रों की मेहनत को मिलेगा राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
किसी भी शहर की स्वच्छता का वास्तविक आधार उन कर्मचारियों की मेहनत होती है, जो सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों, नालियों, सार्वजनिक स्थलों और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हैं। आमतौर पर शहर की सुंदरता दिखाई देती है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाले सफाई मित्रों का योगदान उतना चर्चा में नहीं आता।
इस बार राष्ट्रीय सम्मान समारोह में सफाई मित्रों और मैदानी कर्मचारियों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने चयनित शहरों के प्रतिनिधिमंडलों में सफाई मित्रों, स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों और संबंधित अधिकारियों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया है।
प्रत्येक पुरस्कार प्राप्त शहर से चार प्रतिनिधियों को मंच पर सम्मान ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वच्छता व्यवस्था को जमीन पर सफल बनाने वाले कर्मचारियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा की सफलता से क्या बदलेगा?
तीनों शहरों का चयन प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है। स्वच्छता के मामले में केवल बड़े बजट या आधुनिक मशीनों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित कचरा संग्रहण, सार्वजनिक स्थानों की देखभाल, बेहतर प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी मिलकर ही स्थायी परिणाम दे सकते हैं।
रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों के सामने बढ़ती आबादी, यातायात, बाजारों और रोजाना निकलने वाले कचरे का दबाव रहता है। वहीं छोटे शहरों में सीमित संसाधनों के बीच स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना अलग चुनौती है।
बिल्हा का चयन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि छोटे नगरीय निकाय भी बेहतर योजना, स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और जनसहयोग से राष्ट्रीय पहचान बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने बताया सामूहिक प्रयासों का परिणाम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर तीनों शहरों के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों और सफाई मित्रों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि स्वच्छता को केवल सरकारी योजना या सर्वेक्षण की प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसका सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन की गुणवत्ता से है। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक शहर को स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने भी इस सफलता को अन्य नगरीय निकायों के लिए प्रेरणादायक बताया। उनके अनुसार, स्वच्छता को नियमित कार्यसंस्कृति और नागरिकों की जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।
पुरस्कार के बाद सबसे बड़ी चुनौती होगी स्वच्छता बनाए रखना
राष्ट्रीय सम्मान मिलना निश्चित रूप से गर्व की बात है, लेकिन किसी शहर की असली परीक्षा पुरस्कार मिलने के बाद शुरू होती है। कई बार सर्वेक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन नियमित निगरानी कमजोर पड़ने पर सार्वजनिक स्थानों पर फिर कचरा जमा होने लगता है।
इसलिए रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा के सामने अब अपनी उपलब्धियों को लंबे समय तक बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग प्रबंधन, वैज्ञानिक निपटान, सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव और सफाई कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां जरूरी होंगी।
नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालें, गंदगी फैलाने से बचें और अपने मोहल्लों की स्वच्छता में सहयोग करें, तो प्रशासन के प्रयास अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
पूरे छत्तीसगढ़ के लिए खुला नया अवसर
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल – बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ भी इसी सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देती है।
11 नवंबर को मिलने वाला राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर होगा, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि प्रदेश के दूसरे शहर इस सफलता से क्या सीखते हैं। यदि छोटे-बड़े सभी नगरीय निकाय सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को प्राथमिकता देते हैं, तो आने वाले वर्षों में राज्य की शहरी तस्वीर में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।
रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा की यह उपलब्धि बताती है कि स्वच्छ शहर बनाने की जिम्मेदारी किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। अब जरूरत इस सफलता को स्थायी व्यवस्था में बदलने की है।




