छत्तीसगढ़ सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के तहत दिव्यांग युवक-युवती के विवाह पर आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे न केवल शादी का बोझ कम होता है बल्कि समाज में सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना है।
इस सहायता राशि से कई दिव्यांग दंपतियों ने न सिर्फ अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत सम्मानजनक तरीके से की, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। लाभार्थियों का कहना है कि सरकार की यह पहल उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद कर रही है और भविष्य के प्रति भरोसा जगा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार, दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी। प्रशासन का मानना है कि आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ाना भी जरूरी है, ताकि दिव्यांगजन सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।


