बिलासपुर में पूर्व मैनेजर पर गंभीर आरोप, CCTV बंद करने और महिला कर्मचारियों से बातचीत को लेकर हुआ विवाद; पुलिस ने दर्ज किया केस
बिलासपुर, 22 सितंबर 2026। शहर के उसलापुर क्षेत्र में एक एजेंसी के संचालक की शिकायत के बाद पूर्व मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज होने से कार्यस्थल के अनुशासन, निगरानी व्यवस्था और कर्मचारी सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मैनेजर काम के दौरान कार्यालय के CCTV कैमरे बंद कर देता था और महिला कर्मचारियों से काम छोड़कर बातचीत करता था। समझाने के बाद विवाद बढ़ने और कथित तौर पर गाली-गलौज व धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। सरकंडा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, उसलापुर निवासी पवन कालरा अपनी एजेंसी संचालित करते हैं और रितेश कश्यप करीब चार वर्षों से वहां मैनेजर के पद पर कार्यरत था। संचालक का आरोप है कि रितेश कई मौकों पर कार्यालय के CCTV कैमरे बंद कर देता था। इसके अलावा वह कार्यालय में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बातचीत में समय बिताता था। जब उसे काम पर ध्यान देने और कार्यालय की व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाया गया तो दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनने लगी।
समझाइश के बाद विवाद ने लिया दूसरा रूप
मामला केवल काम को लेकर हुई कहासुनी तक सीमित नहीं रहा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, समझाने से नाराज पूर्व मैनेजर ने फोन पर गाली-गलौज की और कथित तौर पर देख लेने की धमकी दी। इसके बाद पवन जब विजयापुरम, सरकंडा क्षेत्र में उससे मिलने पहुंचे तो वहां भी विवाद हुआ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान जान से मारने की धमकी देने के साथ आत्महत्या करने, झूठी शिकायत में फंसाने और परिवार की बदनामी करने जैसी बातें भी कही गईं। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
निजी विवादों से जुड़ी धमकियों का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में एक अन्य घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, कार्यालय के काम के सिलसिले में पूर्व मैनेजर की पत्नी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जाता था। शिकायत में दावा किया गया है कि 14 सितंबर को उसने रितेश को किसी अन्य युवती के साथ शादी करते हुए देखा था।
इसी बात को लेकर कथित धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहली पत्नी को इसकी जानकारी होने पर उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। पुलिस अब इन दावों और विवाद के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
CCTV को लेकर उठता है कार्यस्थल सुरक्षा का सवाल
इस मामले का एक अहम पहलू कार्यालय में लगे CCTV कैमरों से जुड़ा आरोप है। किसी कार्यस्थल पर निगरानी कैमरे केवल सुरक्षा के लिए नहीं होते, बल्कि विवाद या किसी घटना की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्ड भी जांच का आधार बन सकते हैं। यदि किसी कर्मचारी को कैमरे बंद करने की अनुमति नहीं है, तो ऐसा करना स्वयं कार्यालय प्रबंधन के लिए गंभीर प्रशासनिक चिंता का विषय हो सकता है।
खासकर ऐसे कार्यस्थलों में जहां महिला और पुरुष कर्मचारी साथ काम करते हैं, स्पष्ट कार्यस्थल नियम, शिकायत की व्यवस्था और वरिष्ठ स्तर पर निगरानी जरूरी हो जाती है। हालांकि इस मामले में CCTV वास्तव में किस परिस्थिति में बंद किए गए और उसका उद्देश्य क्या था, यह पुलिस जांच का विषय है।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी
इस पूरे मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है, इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। जांच के दौरान पुलिस संबंधित व्यक्तियों के बयान, उपलब्ध CCTV रिकॉर्ड, कॉल या अन्य साक्ष्यों और विवाद से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल कर सकती है।



