Health Tips: सुबह उठते ही गर्दन में दर्द? गलत तकिया बन सकता है बड़ी वजह, जानें सही Pillow चुनने का तरीका
नई दिल्ली। सुबह नींद पूरी होने के बावजूद अगर गर्दन में दर्द, अकड़न या भारीपन महसूस होता है, तो इसकी वजह केवल थकान या दिनभर का काम नहीं हो सकता। कई बार रातभर सिर और गर्दन को मिलने वाला गलत सहारा भी इस परेशानी को बढ़ा सकता है। जिस तकिए पर हम आराम के लिए सिर रखते हैं, वही अगर शरीर की बनावट और सोने की स्थिति के अनुकूल न हो, तो गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ सकता है।
खास बात यह है कि गर्दन का दर्द हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन बार-बार सुबह होने वाली अकड़न को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। अपनी सोने की आदत, तकिए की ऊंचाई और दिनभर की शारीरिक मुद्रा पर ध्यान देकर कई मामलों में परेशानी कम की जा सकती है।
रातभर गलत स्थिति में रहती है गर्दन, सुबह दिखता है असर
सोते समय सिर और गर्दन को ऐसा सहारा मिलना चाहिए, जिससे गर्दन रीढ़ की हड्डी के साथ स्वाभाविक स्थिति में रहे। यदि तकिया जरूरत से ज्यादा ऊंचा है, तो सिर आगे की तरफ झुक सकता है। वहीं, बहुत पतला तकिया सिर को पर्याप्त सहारा नहीं दे पाता।
दोनों परिस्थितियों में गर्दन के आसपास की मांसपेशियों और मुलायम ऊतकों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है। रातभर एक ही गलत स्थिति बनी रहने पर सुबह उठते समय गर्दन घुमाने में परेशानी, अकड़न और दर्द महसूस हो सकता है।
पुराने तकिए भी समस्या बढ़ा सकते हैं। समय के साथ उनका फोम दब सकता है या अंदर भरी सामग्री एक तरफ जमा हो सकती है। ऐसे में तकिया देखने में सामान्य लगता है, लेकिन सिर और गर्दन को समान सहारा नहीं दे पाता।
हर व्यक्ति के लिए एक जैसा तकिया सही नहीं
तकिया खरीदते समय केवल उसकी कीमत, मोटाई या विज्ञापन में किए गए दावों को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तकिया आपकी सोने की स्थिति के अनुसार गर्दन को आरामदायक सहारा दे रहा है या नहीं।
करवट लेकर सोने वालों के लिए: ऐसे लोगों को सामान्यतः थोड़ा अधिक ऊंचाई वाला तकिया चाहिए, ताकि कंधे और सिर के बीच की जगह भर सके। कोशिश करें कि सिर न नीचे झुके और न ही ऊपर की ओर उठे।
पीठ के बल सोने वालों के लिए: मध्यम ऊंचाई वाला ऐसा तकिया उपयोगी हो सकता है, जो सिर को सहारा दे और गर्दन के प्राकृतिक घुमाव को बनाए रखे। बहुत ऊंचा तकिया ठोड़ी को छाती की ओर धकेल सकता है।
पेट के बल सोने वालों के लिए: इस स्थिति में गर्दन लंबे समय तक एक तरफ मुड़ी रहती है। इससे खिंचाव बढ़ सकता है। इसलिए संभव हो तो करवट या पीठ के बल सोने की आदत विकसित करना बेहतर है।
Memory Foam या सामान्य तकिया, किसे चुनें?
मेमोरी फोम तकिए शरीर के दबाव के अनुसार अपना आकार बदलते हैं और कुछ लोगों को सिर तथा गर्दन के लिए अच्छा सहारा दे सकते हैं। वहीं, सामान्य फाइबर या रूई वाले तकिए भी सही ऊंचाई और बनावट होने पर आरामदायक हो सकते हैं।
लेकिन महंगा तकिया खरीदना गर्दन के दर्द से छुटकारे की गारंटी नहीं है। किसी भी तकिए को चुनने से पहले यह देखना जरूरी है कि उस पर लेटने के बाद गर्दन आरामदायक स्थिति में रहती है या नहीं। तकिए की ऊंचाई, उसकी मजबूती और सोने की आदत का तालमेल सबसे ज्यादा मायने रखता है।
सिर्फ तकिया नहीं, मोबाइल इस्तेमाल करने का तरीका भी जिम्मेदार
गर्दन के दर्द की एक आम वजह दिनभर की गलत शारीरिक मुद्रा भी हो सकती है। लंबे समय तक मोबाइल नीचे रखकर देखना, लैपटॉप पर झुककर काम करना और लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहना गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ा सकता है।
ऐसे में कुछ आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है:
- मोबाइल इस्तेमाल करते समय उसे आंखों के करीब ऊंचाई पर रखें।
- लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते समय गर्दन को आगे झुकाने से बचें।
- लंबे समय तक बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ी देर चलें।
- गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें, लेकिन दर्द बढ़ाने वाले व्यायाम न करें।
- सोने और जागने का समय नियमित रखें।
- तकिए की बनावट खराब होने या उसका सहारा कम होने पर उसे बदलने पर विचार करें।
किन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?
अगर तकिया बदलने और सोने की स्थिति सुधारने के बाद भी गर्दन का दर्द लगातार बना रहता है, तो चिकित्सकीय जांच कराना उचित है। खासकर हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी या दर्द का कंधे से हाथ तक फैलना नसों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
यदि गर्दन के दर्द के साथ तेज सिरदर्द, बुखार, चक्कर या हाल की चोट भी हो, तो इसे सामान्य अकड़न समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अचानक कमजोरी, चलने में परेशानी या गंभीर लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
आरामदायक नींद के लिए छोटी आदतों में बड़ा बदलाव
गर्दन के दर्द को कम करने के लिए महंगे उत्पादों के पीछे भागने के बजाय अपनी नींद और दिनचर्या की गलतियों को पहचानना ज्यादा जरूरी है। सही ऊंचाई का तकिया, आरामदायक सोने की स्थिति और दिनभर शरीर की सही मुद्रा बनाए रखना गर्दन पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम कर सकता है।
अगर सुबह की अकड़न बार-बार हो रही है, तो अपने तकिए को जांचना एक अच्छा शुरुआती कदम हो सकता है। लेकिन लगातार दर्द का समाधान केवल तकिया बदलना नहीं है। सही कारण पहचानना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना ही बेहतर तरीका है।




