गंदी बाथरूम टाइलों से छुटकारा पाने का शानदार तरीका, हार्ड वॉटर के दाग भी होंगे कम
बाथरूम की टाइलें रोजाना पानी, साबुन और नमी के संपर्क में रहती हैं। यही वजह है कि कुछ समय बाद उन पर सफेद दाग, साबुन की परत और गंदगी दिखाई देने लगती है। खासकर हार्ड वॉटर वाले इलाकों में पानी सूखने के बाद टाइलों पर मिनरल की परत जमना आम समस्या है। ऐसे में टाइलों को चमकाने के लिए हर बार तेज केमिकल या जोरदार रगड़ की जरूरत नहीं होती।
सही सफाई का तरीका अपनाने पर टाइलों की सतह को नुकसान पहुंचाए बिना जमी गंदगी को काफी हद तक हटाया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सफाई के साथ बाथरूम में नमी को नियंत्रित किया जाए, क्योंकि लगातार गीली सतह गंदगी और फफूंदी की समस्या को बढ़ा सकती है।
पहले पहचानें कि टाइल पर किस तरह का दाग है
हर दाग के लिए एक ही क्लीनिंग तरीका इस्तेमाल करना सही नहीं है। सफेद और खुरदरे निशान अक्सर हार्ड वॉटर में मौजूद मिनरल के जमाव से जुड़े हो सकते हैं, जबकि चिपचिपी परत साबुन के अवशेषों की वजह से बन सकती है। टाइलों के बीच के ग्राउट में अलग तरह की गंदगी जमा होती है।
इसलिए सफाई शुरू करने से पहले दाग की प्रकृति समझना जरूरी है। इससे अनावश्यक रूप से कठोर स्क्रबर या तेज केमिकल इस्तेमाल करने से बचा जा सकता है।
हार्ड वॉटर के सफेद दाग के लिए आजमाएं यह तरीका
हल्के मिनरल जमाव के मामले में पानी और सफेद सिरके का पतला घोल एक घरेलू विकल्प हो सकता है। एक हिस्सा सफेद सिरका और तीन हिस्से पानी मिलाकर घोल तैयार किया जा सकता है। इसे पहले टाइल के किसी छोटे, छिपे हिस्से पर लगाकर सतह की प्रतिक्रिया देखना बेहतर है।
यदि सतह के लिए उपयुक्त हो, तो घोल को दाग वाली जगह पर थोड़ी देर लगाकर छोड़ें और फिर मुलायम स्पंज या कपड़े से साफ करें। इसके बाद साफ पानी से सतह को अच्छी तरह धोकर सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ दें।
ध्यान रखें कि सिरका हर प्रकार की टाइल या पत्थर की सतह के लिए उपयुक्त नहीं होता। प्राकृतिक पत्थर जैसे मार्बल पर अम्लीय क्लीनर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सतह की सामग्री जाने बिना इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
साबुन की परत और जिद्दी गंदगी कैसे हटाएं?
साबुन की जमी परत के लिए बेकिंग सोडा और पानी की हल्की पेस्ट बनाई जा सकती है। इसे प्रभावित हिस्से पर लगाने के बाद सॉफ्ट स्पंज से धीरे-धीरे साफ करें। बहुत ज्यादा दबाव डालकर रगड़ने की जरूरत नहीं है। सफाई के बाद पानी से सतह को धोना जरूरी है ताकि क्लीनिंग मिश्रण का अवशेष टाइल पर न रह जाए।
टाइलों के बीच के ग्राउट की सफाई के लिए सॉफ्ट ब्रिसल वाला छोटा ब्रश या पुराना टूथब्रश उपयोगी हो सकता है। यहां भी अत्यधिक दबाव से बचना चाहिए, क्योंकि ग्राउट की सतह को नुकसान पहुंचने पर आगे सफाई और रखरखाव मुश्किल हो सकता है।
रोजाना की छोटी आदत से कम होगी गंदगी
टाइलों को चमकदार बनाए रखने का सबसे आसान तरीका यह है कि गंदगी को लंबे समय तक जमा ही न होने दिया जाए। नहाने के बाद फर्श पर खड़ा पानी हटाने के लिए मॉप या माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। दीवारों पर पानी की बूंदें ज्यादा देर तक रहने से भी मिनरल के निशान बन सकते हैं।
सप्ताह में कम से कम एक बार नियमित सफाई करना भी जरूरी है। माइल्ड टाइल क्लीनर, पानी और सॉफ्ट ब्रश से सामान्य गंदगी साफ की जा सकती है।
चमक के चक्कर में टाइल खराब न कर दें
स्टील वूल, बहुत खुरदरे स्क्रबर और अत्यधिक कठोर रसायनों से टाइलों को साफ करने से बचना चाहिए। तेज रगड़ से सतह पर सूक्ष्म खरोंच आ सकती हैं और टाइल की फिनिश प्रभावित हो सकती है। किसी भी व्यावसायिक क्लीनर का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
खास तौर पर अलग-अलग क्लीनिंग केमिकल को आपस में मिलाने से बचें। कुछ रासायनिक मिश्रण खतरनाक गैस पैदा कर सकते हैं। सफाई के दौरान बाथरूम में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी जरूरी है।
असली चमक सफाई के साथ सूखेपन से आएगी
अगर बाथरूम हमेशा नम रहता है तो सिर्फ टाइल क्लीनर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नहाने और सफाई के बाद एग्जॉस्ट फैन चलाना या खिड़की खोलना नमी कम करने में मदद कर सकता है। पानी जमा रहने वाली जगहों को भी जल्द से जल्द सुखाना चाहिए।



