एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में शनिवार से 20वें एशियन गेम्स का आधिकारिक आगाज हो गया। उद्घाटन समारोह के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों के लिए महाद्वीपीय खेलों का बड़ा मंच पूरी तरह तैयार है। इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय खिलाड़ियों के लिए शुभकामनाएं साझा कीं और उनके कठिन परिश्रम को रेखांकित किया। उनका संदेश ऐसे समय आया है जब भारतीय दल एशियाई खेलों में पिछले प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की चुनौती के साथ मैदान में उतर रहा है।
501 सदस्यीय भारतीय दल पर निगाहें
आइची-नागोया एशियन गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने की। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार भारत के 501 खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। यह दल कई खेल विधाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
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भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स में 107 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। उस अभियान में भारत को 28 स्वर्ण, 39 रजत और 41 कांस्य पदक मिले थे। अब आइची-नागोया में खिलाड़ियों के सामने उस प्रदर्शन को आगे ले जाने का अवसर है।
सिर्फ पदकों का नहीं, निरंतरता का भी टूर्नामेंट
एशियन गेम्स भारतीय खेलों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां ओलंपिक खेलों के साथ-साथ कई एशियाई खेलों में भारत की पारंपरिक ताकत भी सामने आती है। एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती, कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों पर विशेष नजर रहेगी।
इस बार प्रतियोगिता में 43 खेल शामिल हैं और 469 पदक स्पर्धाएं होंगी। करीब 45 देश और क्षेत्र इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। कुछ प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी थीं, जबकि अधिकांश स्पर्धाओं का कार्यक्रम अब आगे बढ़ेगा।
हांगझोउ के रिकॉर्ड के बाद नई चुनौती
हांगझोउ में 107 पदकों का रिकॉर्ड भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रहा। लेकिन हर नए टूर्नामेंट में पिछले रिकॉर्ड को दोहराना अपने आप में चुनौती होता है। अलग-अलग खेलों में प्रतिद्वंद्विता, खिलाड़ियों का मौजूदा फॉर्म और प्रतियोगिता के दिन का प्रदर्शन पदक परिणामों को प्रभावित करता है।
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यही वजह है कि प्रधानमंत्री का संदेश केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं था। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को महत्व दिया। बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खिलाड़ियों पर परिणाम का दबाव रहता है और प्रदर्शन के लिए मानसिक मजबूती उतनी ही जरूरी होती है जितनी तकनीकी तैयारी।
अब मैदान में प्रदर्शन की बारी
आइची-नागोया एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेंगे। भारतीय दल के लिए अगले दो सप्ताह से अधिक समय में अलग-अलग खेलों में पदक मुकाबले होंगे। इस दौरान अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई नए चेहरों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।



