देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के शेयरों में आज भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में InterGlobe Aviation Ltd. के शेयर करीब 5% टूटकर ₹5,754.40 पर पहुंच गए। इस गिरावट की बड़ी वजह कंपनी के को-फाउंडर राकेश गंगवाल (Rakesh Gangwal) के परिवार द्वारा हिस्सेदारी की बिक्री रही।

ब्लॉक डील से ₹7,084 करोड़ का सौदा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगवाल परिवार ने ब्लॉक डील (Block Deal) के जरिए कंपनी में 1.2 करोड़ शेयर बेचे, जो कुल 3.13% हिस्सेदारी के बराबर है। यह डील करीब ₹7,084.6 करोड़ की रही, जिसमें एक शेयर की कीमत लगभग ₹5,830 तय की गई।
पहले से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि गंगवाल परिवार कंपनी में लगभग 3.1% हिस्सेदारी बेच सकता है, जिसके लिए फ्लोर प्राइस ₹5,808 प्रति शेयर रखा गया था। यह कदम उस रणनीति का हिस्सा है जो 2022 में घोषित की गई थी, जब राकेश गंगवाल ने एयरलाइन बिजनेस से बाहर निकलने की योजना का ऐलान किया था।
लगातार हिस्सेदारी बिक्री
2023 से लेकर मई 2025 तक गंगवाल परिवार ने Indigo में 5 बार बड़ी हिस्सेदारी बिक्री की है।
- अकेले 2025 में ही परिवार ने 9% से ज्यादा स्टेक बेचा, जिससे ₹12,900 करोड़ से अधिक की कमाई हुई।
- मई 2025 में हुए सौदे में 3.4% हिस्सेदारी बेचकर परिवार ने ₹6,831 करोड़ जुटाए थे।
- इन डील्स को कराने में Goldman Sachs, Morgan Stanley और JP Morgan जैसे ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक शामिल रहे।
प्रमोटर स्टेक कितना बचा?
जून 2025 तक Indigo में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के पास 43.53% हिस्सेदारी थी।
- इनमें से खुद राकेश गंगवाल के पास 4.73% शेयर हैं।
- जबकि उनकी फैमिली ट्रस्ट कंपनी The Chinkerpo Family Trust के पास करीब 3.08% शेयर मौजूद हैं।
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति
इंडिगो के तिमाही नतीजे बताते हैं कि कंपनी का मुनाफा दबाव में है।
- जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 20% गिरकर ₹2,176 करोड़ रह गया।
- हालांकि इस दौरान राजस्व (Revenue) 4.7% बढ़ा, लेकिन ईंधन की ऊँची कीमतें, करेंसी उतार-चढ़ाव और अन्य बाहरी कारणों से मुनाफे में कमी दर्ज की गई।
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