नई दिल्ली, 7अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को उनके अभिनंदन का प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुए उनके नेतृत्व से लेकर केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में अब तक के सफर का उल्लेख किया गया है। इसमें ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘नागरिक प्रथम’ की सोच को उनके सार्वजनिक जीवन से जोड़ा गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में मोदी के गुजरात कार्यकाल और प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से जुड़े 10 प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया गया है। प्रस्ताव में गुजरात के तीन विधानसभा जनादेश और लोकसभा चुनावों में लगातार तीन बार मिले जनादेश का भी उल्लेख किया गया है।
1. गुजरात की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर जोर
प्रस्ताव में गुजरात के SWAGAT और PRAGATI जैसे प्रशासनिक प्रयोगों का उल्लेख है। SWAGAT के जरिए नागरिकों की शिकायतों को सीधे मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू हुई थी। ज्योतिग्राम योजना के तहत कृषि और घरेलू बिजली आपूर्ति के लिए अलग व्यवस्था को भी प्रमुख पहल के रूप में बताया गया है।
2. गरीबों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का दावा
कैबिनेट प्रस्ताव में करीब 60 करोड़ जनधन खाते, 4 करोड़ से अधिक आवास और करोड़ों लोगों के गरीबी से बाहर आने जैसे आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। इन प्रयासों को गरीबों के लिए बैंकिंग, आवास, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा गया है।
3. महिला, युवा और किसानों के लिए योजनाएं
प्रस्ताव में लगभग 3.5 करोड़ लखपति दीदी, महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम, स्टार्टअप और कौशल विकास का उल्लेख है। पीएम-किसान के तहत ₹4 लाख करोड़ से अधिक राशि हस्तांतरित किए जाने और पीएम-जनमन योजना को भी इसमें शामिल किया गया है।
4. सुधारों और आत्मनिर्भरता पर जोर
GST, कल्याणकारी योजनाओं में सुधार और पुराने कानूनों की जगह नए कानून लाने को प्रस्ताव में प्रमुख सुधारों के तौर पर गिनाया गया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में करीब ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12 लाख करोड़ से अधिक की वृद्धि का भी उल्लेख किया गया है।
5. डिजिटल और वैज्ञानिक क्षेत्र में विस्तार
JAM, UPI, कोविड वैक्सीन और चंद्रयान-3 को तकनीक एवं वैज्ञानिक क्षमता से जुड़े उदाहरणों के रूप में प्रस्ताव में शामिल किया गया है। AI, क्वांटम तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में विस्तार का भी उल्लेख है।
6. संकट के समय सरकार की भूमिका
कोविड-19 महामारी के दौरान टीका विकास और बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में संकट प्रबंधन को भी प्रमुख बिंदु बनाया गया है। पश्चिम एशिया के संकट के दौरान ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फैसलों का भी इसमें उल्लेख है।
7. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा
प्रस्ताव में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट हवाई कार्रवाई और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया गया है। अनुच्छेद 370 में बदलाव, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद की स्थापना को भी इसमें शामिल किया गया है।
8. वैश्विक मंच पर भारत
G20, BRICS, ग्लोबल साउथ और अफ्रीकी संघ को G20 में शामिल किए जाने को प्रस्ताव में भारत की वैश्विक भूमिका से जोड़ा गया है। वैक्सीन मैत्री और विभिन्न देशों से मिले सम्मानों का भी उल्लेख किया गया है।
9. पर्यावरण और विकास का संतुलन
अक्षय ऊर्जा, जलवायु संबंधी पहल और पर्यावरणीय सहयोग को भी प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन के प्रमुख पहलुओं में गिना गया है। प्रस्ताव में विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर जोर दिया गया है।
10. संस्कृति और विरासत
योग, मिलेट्स, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा जैसे विषयों को प्रस्ताव में भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह प्रस्ताव 6 अक्टूबर 2026 को पारित हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सरकार प्रमुख के रूप में सफर और उससे जुड़े 10 प्रमुख पहलुओं का आधिकारिक रूप से उल्लेख किया गया है।



