6 अक्टूबर 2026 को हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी; खिलाड़ी के तौर पर भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी, 2025 में दिलाया था ऐतिहासिक महिला वनडे विश्व कप खिताब
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण कप्तानी पारी का अंत हो गया है। हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट की भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर खत्म नहीं हुआ है और वह खिलाड़ी के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करती रहेंगी।
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह फैसला साझा किया। उन्होंने कप्तानी को यादों, भावनाओं और कई कठिन फैसलों से भरा सफर बताया और कहा कि अब वह फिर से खेल के लिए खेलने पर ध्यान देना चाहती हैं। बीसीसीआई ने भी उनके योगदान को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की है।
2017 की 171 रन की पारी ने बदली पहचान
हरमनप्रीत कौर का नाम 2017 महिला वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 171 रन की नाबाद पारी से विश्व क्रिकेट में और मजबूत हुआ। उस पारी में उन्होंने 115 गेंदों का सामना किया और भारत को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भले ही भारत फाइनल में इंग्लैंड से हार गया, लेकिन हरमनप्रीत की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय महिला क्रिकेट को लेकर देश में चर्चा को नई दिशा दी।
मोगा से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर
हरमनप्रीत का जन्म 8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में हुआ। शुरुआती दौर में उनके लिए क्रिकेट का माहौल आसान नहीं था। उन्होंने लड़कों के साथ क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा निखारी और बाद में कोचिंग के जरिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आगे बढ़ीं।
उन्होंने 2009 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। शुरुआत में वह मध्यम गति की गेंदबाजी करने वाली ऑलराउंडर थीं, लेकिन आगे चलकर ऑफ-स्पिन भी उनकी गेंदबाजी का हिस्सा बनी।
2012 में उन्हें पहली बार भारत की कप्तानी का अवसर मिला। इसके बाद 2016 में उन्होंने नियमित टी20 कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद हरमनप्रीत को वनडे और टेस्ट टीम की भी पूर्णकालिक कप्तानी मिली।
कप्तानी में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां
हरमनप्रीत की कप्तानी का सबसे बड़ा पड़ाव 2025 महिला वनडे विश्व कप रहा। भारत ने घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता और हरमनप्रीत इस ऐतिहासिक टीम की कप्तान थीं। वह भारत की पहली महिला कप्तान बनीं जिसने सीनियर महिला वनडे विश्व कप जिताया।
उनके नेतृत्व में भारत ने एशिया कप और एशियाई खेलों में भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। 2026 में भारत ने एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक भी बरकरार रखा।
कप्तान के रूप में उन्होंने 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की अगुवाई की। वह 150 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर भी बनीं।
आंकड़ों में भी मजबूत विरासत
2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हरमनप्रीत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 9,191 रन और 75 विकेट दर्ज किए हैं। उनके नाम आठ अंतरराष्ट्रीय शतक और 44 अर्धशतक हैं।
उनका सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर वनडे में 171 नाबाद है, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कप्तानी खत्म, क्रिकेट का सफर जारी
हरमनप्रीत का कप्तानी से हटने का फैसला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलना जारी रखेंगी। आईसीसी ने भी उनके फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि कप्तानी छोड़ने के बावजूद वह टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।
मोगा से शुरू हुआ सफर अब भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के एक खास अध्याय का हिस्सा बन चुका है। कप्तानी की जिम्मेदारी भले खत्म हुई हो, लेकिन हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाजी, नेतृत्व और 2025 विश्व कप की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक याद की जाएगी।



