आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर गैंग के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस कर रही तलाश; आरोपी की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले को मिलेगा नकद पुरस्कार
रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर की तलाश तेज कर दी गई है। रायपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सटीक और विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 5 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त, मध्य क्षेत्र रायपुर की ओर से जारी इनाम उद्घोषणा से सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फिलहाल गिरफ्तारी से बाहर है और उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों द्वारा निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
क्या है 25 करोड़ की रंगदारी का मामला?
मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को आनंद कुकरेजा को विदेशी नंबर से WhatsApp के माध्यम से धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। आरोप है कि धमकी देने वालों ने गैंग के नाम का इस्तेमाल करते हुए 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को शोएब ढेबर की कथित भूमिका के संबंध में जानकारी मिली।
पुलिस ने पहले शोएब ढेबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में अदालत से उसकी दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।
गिरफ्तारी में मदद करने वाले को मिलेगा ₹5 हजार
पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र रायपुर तारकेश्वर पटेल की ओर से पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए के तहत इनाम की घोषणा की गई है। आदेश के अनुसार, शोएब ढेबर की गिरफ्तारी कराने या उसके बारे में ठोस और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इनाम दिए जाने का अंतिम निर्णय पुलिस उपायुक्त द्वारा किया जाएगा।
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए अभियान जारी रखा है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।
पुलिस की गोपनीय जानकारी लीक होने की भी जांच
मामले में पुलिस कार्रवाई से जुड़ी कथित गोपनीय जानकारी आरोपी तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है और विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। इन पुलिसकर्मियों द्वारा जानबूझकर जानकारी लीक करने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, इसलिए इसे जांच के विषय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार आरोपी का पता लगाने और मामले में कथित रंगदारी की पूरी कड़ी की जांच करने पर है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी और रंगदारी मांगने की घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।



