कोरबा में चौंकाने वाला मामला: टॉयलेट के फर्श पर धुल रहे थे बर्तन, VIDEO वायरल होते ही खाद्य विभाग सख्त
कोरबा। त्योहारों और खास मौकों पर मिठाई की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे समय में साफ-सफाई केवल दुकान की चमक-दमक तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि जिस जगह खाना तैयार हो रहा है, वहां की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कोरबा में सामने आया एक वीडियो इसी सवाल को गंभीर बना रहा है।
निहारिका क्षेत्र की कोरबा मिठाई दुकान में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को कथित तौर पर टॉयलेट के फर्श पर धोते हुए दिखाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद खाद्य प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामला अब खाद्य विभाग के संज्ञान में है और विभाग ने प्रतिष्ठान को नोटिस जारी करने की बात कही है।
टॉयलेट में बर्तन धोने का वीडियो सामने आया
वायरल वीडियो में कुछ कर्मचारी बाथरूम के भीतर फर्श पर बर्तन साफ करते दिखाई दे रहे हैं। एक ग्राहक ने यह दृश्य देखा तो उसने वीडियो रिकॉर्ड किया और कर्मचारियों से इसका कारण पूछा।
कर्मचारियों की ओर से बताया गया कि तकनीकी परेशानी के चलते आपात स्थिति में वहां बर्तन धोए जा रहे थे। हालांकि, किसी खाद्य प्रतिष्ठान में ऐसी व्यवस्था वास्तव में कितनी स्वीकार्य है, इसका फैसला संबंधित जांच और स्वच्छता मानकों के आधार पर ही होगा।
यही वजह है कि वायरल वीडियो को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय अब विभागीय निरीक्षण महत्वपूर्ण हो गया है।
मामला सिर्फ एक दुकान का नहीं, खाद्य सुरक्षा की बड़ी चिंता
बर्तनों की सफाई भोजन तैयार करने की प्रक्रिया का बुनियादी हिस्सा है। यदि बर्तन ऐसी जगह साफ किए जाते हैं जहां स्वच्छता का स्तर खाद्य तैयारी के अनुरूप नहीं है, तो संक्रमण और क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम बढ़ सकता है।
खासकर मिठाई, नमकीन और पकवान बनाने वाले प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में भोजन तैयार होता है। यहां इस्तेमाल होने वाले बर्तन सीधे खाद्य पदार्थों के संपर्क में आते हैं। इसलिए सफाई के लिए निर्धारित स्थान, साफ पानी, उचित ड्रेनेज और स्वच्छ कार्यक्षेत्र का होना महज व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि ग्राहक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
खाद्य विभाग करेगा मौके पर जांच
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने शहर के दूसरे होटल, ढाबों और मिठाई दुकानों की भी जांच कराने की मांग की है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत के मुताबिक वीडियो के आधार पर प्रतिष्ठान संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा और मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। जांच में वीडियो में दिखाई गई स्थिति सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसका मतलब यह है कि आगे की कार्रवाई केवल वायरल वीडियो पर नहीं, बल्कि विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
सक्ती में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रतिष्ठान में टॉयलेट के भीतर बर्तन धोने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सक्ती जिले के हरेठी स्थित पापा ढाबे का वीडियो सामने आया था, जिसमें जेंट्स टॉयलेट के अंदर बर्तन धोते हुए कर्मचारी दिखाई दिए थे।
मामले की जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ढाबे का खाद्य लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था।
यह पिछला मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता नियमों की अनदेखी पाए जाने पर प्रशासनिक कार्रवाई संभव है।
वायरल VIDEO के बाद बढ़ी निगरानी की मांग
इस घटना ने एक व्यावहारिक सवाल खड़ा किया है—ग्राहक जिस भोजन को भरोसे के साथ खरीदता है, उसकी तैयारी के पीछे स्वच्छता की वास्तविक स्थिति क्या है?
रेस्टोरेंट या मिठाई दुकान का साफ काउंटर ग्राहक को पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। असली स्वच्छता रसोई, स्टोरेज एरिया, बर्तन धोने की जगह, पानी की व्यवस्था और कर्मचारियों की हाइजीन प्रैक्टिस में दिखाई देती है।
इसीलिए आने वाले दिनों में खाद्य विभाग की जांच केवल इस प्रतिष्ठान तक सीमित रहती है या शहर के दूसरे खाद्य कारोबारियों तक भी पहुंचती है, यह देखना अहम होगा।
दुकानदारों के लिए भी बड़ा संदेश
आपात स्थिति या तकनीकी खराबी जैसी परिस्थितियां किसी भी व्यवसाय में आ सकती हैं। लेकिन खाद्य कारोबार में वैकल्पिक व्यवस्था बनाते समय भी स्वच्छता से समझौता नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार खाद्य प्रतिष्ठानों को ऐसी परिस्थितियों के लिए पहले से वैकल्पिक सफाई व्यवस्था, सुरक्षित पानी और पर्याप्त कार्यक्षेत्र सुनिश्चित रखना चाहिए। इससे अचानक आई तकनीकी समस्या के बावजूद खाद्य सुरक्षा प्रभावित नहीं होती।
अब इस मामले में विभागीय निरीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई गई स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और प्रतिष्ठान ने खाद्य सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया था।



