8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट: 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगा तो कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी?
नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार आयोग अक्टूबर 2026 में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा भी करने वाला है। बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर और मुंबई में 22-23 अक्टूबर को बैठकें निर्धारित हैं।
इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि यदि पिछले वेतन आयोग की तरह 2.57 का फिटमेंट फैक्टर किसी उदाहरण के तौर पर लिया जाए, तो मौजूदा बेसिक पे कितनी हो सकती है।
2.57 फिटमेंट फैक्टर का गणित क्या बताता है?
7वें केंद्रीय वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था। सरकारी जानकारी के अनुसार यह फैक्टर पे मैट्रिक्स के सभी स्तरों पर वेतन और पेंशन के संशोधन के लिए लागू किया गया था।
इसी आधार को केवल समझने के लिए 8वें वेतन आयोग पर लागू मानें, तो गणना होगी:
मौजूदा बेसिक पे × 2.57 = उदाहरण के तौर पर संशोधित बेसिक पे
मसलन, ₹18,000 की बेसिक पे पर 2.57 से गणना करने पर ₹46,260 आता है। इसी तरह ₹25,500 की बेसिक पे ₹65,535 और ₹35,400 की बेसिक पे ₹90,978 बैठती है।
लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ₹46,260 या ऐसी कोई भी राशि 8वें वेतन आयोग की घोषित नई बेसिक सैलरी नहीं है। यह केवल 2.57 के पुराने फैक्टर को आधार बनाकर किया गया गणितीय उदाहरण है।
अलग-अलग स्तरों पर संभावित गणना
| पे मैट्रिक्स लेवल | 6th CPC बेसिक पे | 7th CPC के बाद बेसिक पे | 2.57 के आधार पर काल्पनिक 8th CPC बेसिक |
|---|---|---|---|
| Level 1 | ₹7,000 | ₹18,000 | ₹46,260 |
| Level 2 | ₹7,743 | ₹19,900 | ₹51,143 |
| Level 3 | ₹8,444 | ₹21,700 | ₹55,769 |
| Level 4 | ₹9,922 | ₹25,500 | ₹65,535 |
| Level 5 | ₹11,362 | ₹29,200 | ₹75,044 |
| Level 6 | ₹13,774 | ₹35,400 | ₹90,978 |
| Level 7 | ₹17,471 | ₹44,900 | ₹1,15,393 |
| Level 10 | ₹21,829 | ₹56,100 | ₹1,44,177 |
| Level 13 | ₹47,899 | ₹1,23,100 | ₹3,16,367 |
| Level 18 | ₹97,276 | ₹2,50,000 | ₹6,42,500 |
केवल फिटमेंट फैक्टर से पूरी सैलरी तय नहीं होगी
कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर को सीधे कुल वेतन में उतने प्रतिशत की वृद्धि मानना सही तरीका नहीं है। कर्मचारी की वास्तविक मासिक आय में बेसिक पे के अलावा DA, HRA और अन्य भत्तों की भी भूमिका होती है।
इसके अलावा नया वेतन ढांचा तैयार करते समय पे मैट्रिक्स, भत्तों, पेंशन और दूसरी सेवा शर्तों में बदलाव भी महत्वपूर्ण होंगे। सरकार द्वारा स्वीकृत Terms of Reference में आयोग को देश की आर्थिक स्थिति, वित्तीय अनुशासन, विकास एवं कल्याणकारी खर्चों के लिए उपलब्ध संसाधन, पेंशन की वित्तीय लागत और अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध वेतन-भत्तों को ध्यान में रखने को कहा गया है।
यानी अंतिम सैलरी केवल एक गुणा करने वाले आंकड़े से तय होने वाली नहीं है। आयोग को व्यापक वित्तीय और प्रशासनिक तस्वीर को देखते हुए अपनी सिफारिशें तैयार करनी होंगी।
8वें वेतन आयोग ने अभी फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया
फिलहाल 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की ओर से 2.57, 1.83 या 3.83 जैसे किसी फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप से घोषित नहीं किया गया है। इसलिए कर्मचारी संगठनों या अलग-अलग अनुमानों में सामने आने वाले आंकड़ों को सरकारी फैसला मानना उचित नहीं होगा।
आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। इसकी अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव और प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य हैं।
सरकार के Terms of Reference के अनुसार आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं। इस हिसाब से इसकी निर्धारित समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। इसके बाद सरकार सिफारिशों पर निर्णय और कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
कर्मचारियों के लिए अभी क्या समझना जरूरी है?
8th Pay Commission latest updates को देखते हुए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि आयोग की प्रक्रिया जारी है और हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई की प्रस्तावित बैठकें भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।



