Tata Cars Price Hike: फिर महंगी हो सकती हैं Tata की कारें, डिस्काउंट भी घटने के संकेत; खरीदारी से पहले जानें पूरी बात
नई दिल्ली: अगर आप आने वाले दिनों में Tata Motors की नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कार की कीमत के साथ-साथ डीलर से मिलने वाले ऑफर पर भी नजर रखना जरूरी है। Tata Motors Passenger Vehicles के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा ने संकेत दिया है कि बढ़ती कमोडिटी लागत के दबाव को देखते हुए कंपनी आगे भी कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकती है। हालांकि, कंपनी ने अगली बढ़ोतरी की कोई निश्चित तारीख या राशि अभी घोषित नहीं की है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 2026 में Tata Motors पहले ही कई चरणों में कीमतें बढ़ा चुकी है। अप्रैल में ICE मॉडल्स पर करीब 0.5% की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि जुलाई से पेट्रोल, डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों समेत पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो में 1.5% तक की वृद्धि लागू हुई। इसके बाद 1 सितंबर से कारों और SUV की कीमतों में मॉडल और वेरिएंट के अनुसार ₹25,000 तक की बढ़ोतरी की गई।
कच्चे माल की बढ़ती कीमत बनी बड़ी चुनौती
ऑटो कंपनियों के लिए स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर, रबर और दूसरे इनपुट की कीमतों में बदलाव सीधे उत्पादन लागत पर असर डालता है। Tata Motors का कहना है कि कंपनी लागत बढ़ने का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है और साथ-साथ लागत कम करने के उपाय भी किए जा रहे हैं। लेकिन अगर कमोडिटी लागत का दबाव लंबे समय तक बना रहता है, तो उसका कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो सकता है।
शैलेश चंद्रा के मुताबिक कंपनी हर महीने स्थिति की समीक्षा कर रही है। अगर आगे कीमत बढ़ाने की जरूरत पड़ती है तो इसे एक साथ बड़े झटके के बजाय छोटे और क्रमिक चरणों में लागू करने की रणनीति अपनाई जा सकती है, ताकि बिक्री की मांग पर अचानक असर न पड़े। इसका मतलब यह है कि अगली बढ़ोतरी की तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन कीमतों पर दबाव खत्म भी नहीं हुआ है।
सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत ही नहीं, डिस्काउंट भी महत्वपूर्ण
नई कार खरीदते समय ग्राहक अक्सर एक्स-शोरूम कीमत पर ध्यान देते हैं, लेकिन वास्तविक सौदे में डीलर डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट ऑफर और दूसरे लाभ भी कुल खर्च को प्रभावित करते हैं।
Tata Motors के मुताबिक बाजार में मांग और सप्लाई के बीच अंतर के कारण डिस्काउंट पहले की तुलना में कम हो रहे हैं। शैलेश चंद्रा ने कहा कि कीमत बढ़ाने से पहले बाजार में उपलब्ध छूट का कम होना भी लागत दबाव को संभालने का एक माध्यम बन रहा है।
इसका असर खास तौर पर उन मॉडल्स पर दिखाई दे सकता है जिनकी मांग मजबूत है। ऐसे मामलों में डीलर के पास कीमत कम करने या अतिरिक्त ऑफर देने की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
ICE और EV दोनों ग्राहकों पर पड़ सकता है असर
Tata Motors की कीमतों में संभावित अगली बढ़ोतरी सिर्फ पेट्रोल या डीजल कारों तक सीमित रहेगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। कंपनी का मौजूदा पोर्टफोलियो ICE और EV दोनों को कवर करता है और 2026 में की गई पिछली व्यापक कीमत वृद्धि में दोनों तरह के वाहन शामिल रहे हैं।
इसलिए Tiago, Altroz, Punch, Nexon, Curvv, Harrier, Safari और Sierra जैसे ICE मॉडल के साथ-साथ Tiago EV, Punch EV, Nexon EV और Curvv EV खरीदने वाले ग्राहकों को भी आगे होने वाले आधिकारिक प्राइस अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
हालांकि किसी खास मॉडल पर कितनी बढ़ोतरी होगी, यह कंपनी के आधिकारिक प्राइस अपडेट के बिना बताना जल्दबाजी होगी।
कार खरीदने वालों के लिए क्या मायने रखता है?
अगर आपने पहले से किसी Tata कार का मॉडल और वेरिएंट तय कर लिया है, तो अभी डीलरशिप से वर्तमान ऑन-रोड कीमत, उपलब्ध डिस्काउंट और ऑफर की वैधता लिखित में लेना उपयोगी रहेगा। खासकर बुकिंग करने से पहले यह स्पष्ट कर लें कि कीमत बढ़ने की स्थिति में आपकी बुकिंग किस कीमत पर लॉक होगी।
दूसरी ओर, केवल संभावित कीमत बढ़ोतरी के डर से बिना तुलना किए तुरंत कार खरीदना भी जरूरी नहीं है। अगर आप किसी नए मॉडल, फेसलिफ्ट, नए वेरिएंट या आगामी ऑफर का इंतजार कर रहे हैं, तो कुल लागत और अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करना बेहतर रहेगा।



