शहद असली है या मिलावटी? पानी, माचिस और टिश्यू पेपर वाले टेस्ट का सच जानिए
नई दिल्ली। शहद को अक्सर प्राकृतिक और सेहतमंद खाद्य पदार्थ मानकर खरीदा जाता है, लेकिन बाजार में इसकी शुद्धता को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई घरेलू तरीके वायरल होते हैं—कहीं पानी में शहद डालकर देखा जाता है, तो कहीं टिश्यू पेपर या माचिस की तीली से उसकी जांच करने का दावा किया जाता है।
इनमें कुछ तरीके मिलावट के संकेत दे सकते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी एक घरेलू टेस्ट के आधार पर शहद को 100 प्रतिशत असली या नकली घोषित नहीं किया जा सकता। FSSAI ने शहद की गुणवत्ता जांचने के लिए कई वैज्ञानिक पैरामीटर और विश्लेषण विधियां निर्धारित की हैं।
पानी में डालकर शहद जांचने का तरीका
घरेलू स्तर पर सबसे ज्यादा प्रचलित तरीकों में से एक है पानी वाला टेस्ट। FSSAI की उपभोक्ता जागरूकता सामग्री में भी पानी में शहद डालकर उसके फैलने या न फैलने को एक त्वरित जांच के रूप में बताया गया है। इसके लिए पारदर्शी गिलास में पानी लेकर उसमें शहद की थोड़ी मात्रा डाली जाती है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है। शहद की गाढ़ापन, नमी और उसकी प्राकृतिक संरचना अलग-अलग हो सकती है। इसलिए पानी में उसका व्यवहार देखकर केवल प्रारंभिक संकेत मिल सकता है, अंतिम प्रमाण नहीं।
माचिस वाला टेस्ट क्यों किया जाता है?
सोशल मीडिया पर दूसरा लोकप्रिय तरीका माचिस की तीली या रुई पर शहद लगाकर उसे जलाने का है। FSSAI की पुरानी घरेलू जांच संबंधी सामग्री में भी शहद में नमी या मिलावट का संकेत पाने के लिए इसी तरह का परीक्षण बताया गया है।
हालांकि, इसे भी निर्णायक टेस्ट नहीं समझना चाहिए। शहद का जलना केवल उसकी प्रामाणिकता पर निर्भर नहीं करता। उसमें मौजूद नमी, परीक्षण की परिस्थितियां और दूसरे कारक परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके अलावा घर में माचिस या आग से खाद्य पदार्थ की जांच करना सुरक्षा की दृष्टि से भी सावधानी मांगता है।
टिश्यू पेपर टेस्ट से क्या पता चलता है?
एक अन्य वायरल तरीका शहद की कुछ बूंदें टिश्यू पेपर पर डालकर उसकी नमी देखने का है। दावा किया जाता है कि अधिक पानी वाला या मिलावटी शहद कागज को जल्दी गीला कर देगा।
यह तरीका भी केवल एक संकेत दे सकता है। अलग-अलग प्रकार के शहद में प्राकृतिक रूप से नमी की मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए टिश्यू पेपर पर फैलने या न फैलने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि शहद निश्चित रूप से असली है, वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त नहीं है।
असली शहद की जांच इतनी आसान क्यों नहीं है?
शहद केवल चीनी और पानी का मिश्रण नहीं है। इसकी गुणवत्ता जांचने के लिए नमी, शर्करा की संरचना, एंजाइम गतिविधि और संभावित सिरप मिलावट जैसे कई पहलुओं का परीक्षण किया जा सकता है।
FSSAI ने शहद के लिए विशिष्ट परीक्षण विधियां निर्धारित की हैं। उसके विश्लेषण मैनुअल में शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशाला आधारित प्रक्रियाएं दी गई हैं।
मसलन, शहद में राइस सिरप जैसी मिलावट का पता लगाने के लिए Specific Marker for Rice Syrup (SMR) जैसी विशिष्ट परीक्षण पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है। FSSAI ने इसे शहद की मिलावट की जांच के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परीक्षणों में शामिल किया है।
खरीदते समय इन बातों पर दें ध्यान
घर पर वायरल टेस्ट करने से ज्यादा उपयोगी है कि शहद खरीदते समय पैकेजिंग और लेबल को ध्यान से पढ़ा जाए। उत्पाद पर निर्माता की जानकारी, FSSAI लाइसेंस संबंधी विवरण, बैच नंबर, मात्रा और अन्य अनिवार्य जानकारी की जांच करनी चाहिए।
अगर किसी उत्पाद की शुद्धता को लेकर गंभीर संदेह हो, तो केवल घरेलू प्रयोगों पर निर्भर रहने के बजाय मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण कराना अधिक विश्वसनीय तरीका है। FSSAI स्वयं खाद्य पदार्थों के लिए निर्धारित विश्लेषण विधियों और मानकों की व्यवस्था करता है।
निष्कर्ष
पानी, माचिस और टिश्यू पेपर वाले टेस्ट सोशल मीडिया पर लोकप्रिय जरूर हैं और कुछ मामलों में मिलावट का शुरुआती संकेत दे सकते हैं। लेकिन इन्हें शहद की शुद्धता का अंतिम प्रमाण मानना सही नहीं होगा।



