प्रोटीन पाउडर हर किसी के लिए जरूरी नहीं, जरूरत से ज्यादा सेवन भी पड़ सकता है भारी; जानें सही तरीका
हेल्थ डेस्क। सोशल मीडिया, जिम और फिटनेस कंटेंट के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रोटीन आजकल हर किसी की डाइट का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है। वजन कम करने से लेकर मसल्स बनाने तक, हर लक्ष्य के लिए प्रोटीन बढ़ाने की सलाह दी जा रही है। इसी के साथ प्रोटीन पाउडर, शेक और दूसरे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है।
लेकिन यहां एक जरूरी सवाल है—क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी रोज प्रोटीन पाउडर लेने की जरूरत है? विशेषज्ञों के मुताबिक इसका जवाब हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं हो सकता। शरीर की प्रोटीन जरूरत उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर बदलती है। इसलिए केवल फिटनेस ट्रेंड देखकर सप्लीमेंट शुरू करना जरूरी नहीं है।
प्रोटीन जरूरी है, लेकिन सप्लीमेंट हमेशा नहीं
प्रोटीन शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों, त्वचा, एंजाइम, हार्मोन और शरीर के कई ऊतकों के निर्माण व रखरखाव में भूमिका निभाता है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को प्रोटीन पाउडर की जरूरत होगी। यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति की रोजाना की डाइट में पर्याप्त मात्रा में दालें, दूध-दही, अंडे, पनीर, सोया, बीन्स, मछली या अन्य प्रोटीन स्रोत मौजूद हैं, तो सामान्य परिस्थितियों में भोजन से ही जरूरत पूरी की जा सकती है।
यानी प्रोटीन की जरूरत और प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत—दो अलग बातें हैं।
सामान्य व्यक्ति को कितने प्रोटीन की जरूरत?
सामान्य, कम शारीरिक गतिविधि वाले स्वस्थ वयस्क के लिए एक प्रचलित आधार करीब 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन प्रतिदिन माना जाता है।
उदाहरण के तौर पर 60 किलो वजन वाले व्यक्ति के लिए यह लगभग 48 ग्राम प्रतिदिन बैठता है। हालांकि यह कोई ऐसा आंकड़ा नहीं है जो हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू हो। नियमित रूप से भारी व्यायाम करने वाले लोगों, उम्रदराज व्यक्तियों, गर्भावस्था जैसी विशेष अवस्थाओं या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में जरूरत अलग हो सकती है।
इसलिए प्रोटीन की मात्रा तय करते समय केवल वजन ही नहीं, बल्कि व्यक्ति की पूरी जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति को देखना जरूरी है।
ज्यादा प्रोटीन का मतलब ज्यादा मसल्स नहीं
फिटनेस की दुनिया में एक आम धारणा बन गई है कि जितना ज्यादा प्रोटीन, उतनी तेजी से मांसपेशियां बनेंगी। वास्तव में मांसपेशियों का विकास केवल प्रोटीन की मात्रा पर निर्भर नहीं करता।
रेजिस्टेंस ट्रेनिंग, पर्याप्त ऊर्जा, नींद, कुल पोषण और नियमितता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शरीर की जरूरत से काफी ज्यादा प्रोटीन लेने से मांसपेशियां उसी अनुपात में नहीं बढ़तीं।
इसलिए लक्ष्य केवल प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना नहीं, बल्कि संतुलित डाइट और सही ट्रेनिंग के साथ पर्याप्त प्रोटीन लेना होना चाहिए।
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर क्यों सावधानी जरूरी?
अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने पर शरीर को उसके चयापचय से बनने वाले अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना पड़ता है। स्वस्थ व्यक्ति का शरीर सामान्य परिस्थितियों में इसे संभाल सकता है, लेकिन पहले से किडनी की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों में हाई-प्रोटीन डाइट शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा प्रोटीन के नाम पर ऐसे शेक या पाउडर का अत्यधिक इस्तेमाल भी उचित नहीं है जिनमें अतिरिक्त चीनी, फ्लेवरिंग या अन्य एडिटिव्स मौजूद हों। किसी उत्पाद का केवल “High Protein” लिखा होना उसे अपने आप स्वस्थ विकल्प नहीं बना देता।
भोजन से प्रोटीन बढ़ाना ज्यादा आसान
प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे पहले अपनी प्लेट को देखना चाहिए। शाकाहारी डाइट में दाल, चना, राजमा, लोबिया, सोया, टोफू, पनीर, दूध, दही, ग्रीक योगर्ट, मेवे और बीज उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
नॉन-वेज खाने वालों के लिए अंडे, मछली, चिकन और अन्य कम वसा वाले प्रोटीन स्रोत डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे दिन के भोजन में प्रोटीन को अलग-अलग स्रोतों से शामिल किया जाए। केवल रात में बड़ी मात्रा में प्रोटीन लेने के बजाय नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन में इसे संतुलित तरीके से शामिल करना ज्यादा व्यावहारिक तरीका हो सकता है।
तो किसे प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है?
कुछ लोगों के लिए सप्लीमेंट उपयोगी हो सकता है—मसलन जिनकी भोजन से पर्याप्त प्रोटीन लेना मुश्किल है या जिनकी शारीरिक गतिविधि और पोषण संबंधी जरूरत सामान्य से अधिक है। लेकिन इसका फैसला व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति देखकर किया जाना चाहिए।
खासकर किडनी, लिवर या अन्य पुरानी बीमारी वाले व्यक्ति बिना चिकित्सकीय या योग्य डाइट विशेषज्ञ की सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट या सप्लीमेंट शुरू न करें।
फिटनेस ट्रेंड के बजाय जरूरत को बनाएं आधार
प्रोटीन को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यही है कि हर व्यक्ति को एक जैसा हाई-प्रोटीन आहार चाहिए। वास्तविकता में पोषण व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है।
अगर संतुलित भोजन से आपकी प्रोटीन जरूरत पूरी हो रही है तो केवल जिम, सोशल मीडिया या किसी परिचित की सलाह पर प्रोटीन पाउडर शुरू करने की आवश्यकता नहीं हो सकती। वहीं जिन लोगों को वास्तव में अतिरिक्त प्रोटीन की जरूरत है, उनके लिए सही मात्रा और सही उत्पाद का चुनाव महत्वपूर्ण है।



