दिल की 8 दुर्लभ बीमारियां: हार्ट अटैक के अलावा इन समस्याओं को भी जानना जरूरी
जब दिल की बीमारी की चर्चा होती है, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में हार्ट अटैक, ब्लॉकेज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं आती हैं। लेकिन हृदय की बीमारियों की दुनिया इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। कुछ स्थितियां इतनी दुर्लभ हैं कि उनके नाम तक आम लोगों ने शायद ही सुने हों, जबकि कुछ मामलों में शुरुआती लक्षण सामान्य सीने के दर्द या धड़कन की समस्या जैसे दिखाई दे सकते हैं।
यही वजह है कि लगातार रहने वाले या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है। खासकर बच्चों, महिलाओं और ऐसे लोगों में जिनमें सामान्य जांच के बावजूद हृदय संबंधी शिकायत बनी रहती है।
बच्चों में भी हो सकती है गंभीर हृदय संबंधी सूजन
कावासाकी रोग मुख्य रूप से बच्चों में दिखाई देने वाली एक दुर्लभ सूजन संबंधी बीमारी है। इसमें शरीर की रक्त वाहिकाओं, खासकर कोरोनरी धमनियों में सूजन हो सकती है। लंबे समय तक तेज बुखार, आंखों का लाल होना, हाथ-पैरों में बदलाव, त्वचा पर असर और लिम्फ नोड्स में सूजन इसके संभावित संकेत हैं।
इस बीमारी को समय पर पहचानना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरोनरी धमनियों पर इसका असर पड़ सकता है। बच्चे में लंबे समय तक बुखार के साथ ऐसे लक्षण दिखाई दें तो केवल सामान्य संक्रमण मानकर इंतजार करना उचित नहीं है।
STEMI: जब कोरोनरी धमनी पूरी तरह बंद हो जाए
ST-एलीवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (STEMI) हार्ट अटैक का एक गंभीर रूप है, जिसमें कोरोनरी धमनी में अचानक गंभीर रुकावट हो सकती है। इससे हृदय की मांसपेशी तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है।
इस स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, कमजोरी या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ अथवा जबड़े तक जाना जैसे संकेतों को आपात स्थिति के रूप में लेना चाहिए।
जब दिल में प्रोटीन जमा होने लगे
ट्रांसथायरेटिन एमाइलॉयड कार्डियोमायोपैथी (ATTR-CM) ऐसी दुर्लभ स्थिति है जिसमें ट्रांसथायरेटिन नामक प्रोटीन से संबंधित असामान्य जमाव हृदय की मांसपेशी को प्रभावित कर सकता है। इससे हृदय की मांसपेशी कठोर हो सकती है और उसके लिए रक्त को प्रभावी ढंग से भरना-पंप करना कठिन हो सकता है।
इस बीमारी की चुनौती यह है कि इसके लक्षण कई बार दूसरी हृदय समस्याओं जैसे दिखाई देते हैं। सांस फूलना, थकान, पैरों में सूजन या शारीरिक क्षमता में कमी जैसे संकेत लंबे समय तक बने रहें तो चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
एंजियोग्राम सामान्य, फिर भी सीने में दर्द क्यों?
कार्डियक सिंड्रोम X का उल्लेख उन स्थितियों के संदर्भ में किया जाता है जिनमें व्यक्ति को एंजाइना जैसा सीने का दर्द हो सकता है, जबकि सामान्य कोरोनरी धमनियों में बड़ी रुकावट दिखाई नहीं देती। ऐसे मामलों में हृदय की छोटी रक्त वाहिकाओं या रक्त प्रवाह के नियमन से जुड़े तंत्र की भूमिका हो सकती है।
यह स्थिति खास तौर पर महिलाओं में अधिक चर्चा में रही है। इसलिए सामान्य एंजियोग्राम को हमेशा यह मान लेने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए कि सीने में दर्द का कोई हृदय संबंधी कारण हो ही नहीं सकता।
अचानक तनाव के बाद दिल की पंपिंग कमजोर पड़ सकती है
ताकोत्सुबो कार्डियोमायोपैथी को आमतौर पर “ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम” के नाम से भी जाना जाता है। तीव्र भावनात्मक या शारीरिक तनाव के बाद कुछ लोगों में हृदय की पंपिंग क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण इसे हार्ट अटैक जैसा बना सकते हैं। इसलिए केवल यह मान लेना कि समस्या तनाव के कारण है, सुरक्षित तरीका नहीं है। ऐसे लक्षणों में तत्काल चिकित्सा जांच जरूरी होती है।
बिना ब्लॉकेज के भी हो सकता है तेज सीने का दर्द
प्रिंजमेटल एंजाइना, जिसे वैरिएंट एंजाइना भी कहा जाता है, कोरोनरी धमनी में अस्थायी ऐंठन के कारण हो सकता है। इसके दौरान रक्त प्रवाह अचानक कम हो सकता है और सीने में दर्द महसूस हो सकता है।
इसका दर्द अक्सर आराम की अवस्था में, विशेषकर रात या सुबह के समय दिखाई दे सकता है। धूम्रपान और कुछ ऐसे पदार्थ या दवाएं जो रक्त वाहिकाओं को संकुचित करती हैं, जोखिम बढ़ा सकते हैं।
एक खास तरह की अनियमित धड़कन जानलेवा हो सकती है
टॉर्सेडेस डी पॉइंट्स (TdP) हृदय की विद्युत प्रणाली से जुड़ी एक गंभीर अनियमित धड़कन है। यह वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया का एक विशिष्ट रूप है और कुछ परिस्थितियों में वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन तथा कार्डियक अरेस्ट तक पहुंच सकता है।
इसलिए तेज या अनियमित धड़कन, चक्कर, बेहोशी या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य मानना खतरनाक हो सकता है। कुछ दवाएं और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी इस तरह की अनियमित धड़कन के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं।
जन्म से मौजूद हो सकती है एबस्टीन एनोमली
एबस्टीन एनोमली एक जन्मजात हृदय विकार है, जिसमें ट्राइकसपिड वाल्व की संरचना और स्थिति सामान्य से अलग होती है। इसका प्रभाव व्यक्ति की उम्र और बीमारी की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
कुछ लोगों में यह बचपन में ही सामने आ जाती है, जबकि हल्के मामलों में समस्या बाद की उम्र में भी पहचानी जा सकती है। अनियमित धड़कन, सांस लेने में परेशानी और हृदय की कार्यक्षमता से जुड़े लक्षण इसके संभावित संकेत हो सकते हैं।
इन बीमारियों से सबसे बड़ी सीख क्या है?
दिल की हर बीमारी का मतलब कोरोनरी ब्लॉकेज या हार्ट अटैक नहीं होता। कुछ बीमारियां रक्त वाहिकाओं की सूजन से जुड़ी हैं, कुछ हृदय की मांसपेशी को प्रभावित करती हैं, कुछ जन्मजात होती हैं और कुछ हृदय की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी पैदा करती हैं।



