DUSU Election Result 2026
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के नतीजे सामने आ गए हैं। 18 सितंबर को मतदान के बाद 19 सितंबर को हुई मतगणना के 20 दौर पूरे होने पर चार केंद्रीय पदों की तस्वीर साफ हुई। ABVP के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों के आधिकारिक नोटिस बोर्ड पर 2026-27 छात्रसंघ चुनाव और परिणाम संबंधी सूचनाएं भी दर्ज की गई हैं।
अध्यक्ष पद पर यश डबास
अध्यक्ष पद पर यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि NSUI के विजय शंकर मीना को 22,523 वोट प्राप्त हुए। इस तरह केंद्रीय पैनल के सबसे चर्चित पद का परिणाम दो प्रमुख छात्र संगठनों के बीच हुए मुकाबले में सामने आया। डबास को चुनाव से पहले ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत
सबसे अलग परिणाम उपाध्यक्ष पद पर आया। निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। ABVP के इशू मौर्य को 16,910 और NSUI के वीर चत्रथ को 4,313 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे हैं, लेकिन इस चुनाव में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मैदान संभाला।
यह परिणाम इसलिए भी ध्यान खींचता है क्योंकि चारों केंद्रीय पदों पर किसी एक संगठन का पूरा पैनल निर्वाचित नहीं हुआ। यानी अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के साथ उपाध्यक्ष का प्रतिनिधित्व अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आया है।
सचिव और संयुक्त सचिव का परिणाम
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी को 21,650 वोट मिले। NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्यराज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उपलब्ध अंतिम मतगणना आंकड़ों में इस पद पर स्वतंत्र उम्मीदवार विशाल यदाव को 15,778 और NSUI के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले।
अब असली परीक्षा नतीजों के बाद
DUSU चुनाव का महत्व केवल चार पदों के परिणाम तक सीमित नहीं रहता। निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने अब छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाने और उन पर काम कराने की जिम्मेदारी होगी। DUSU की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव केंद्रीय छात्र नेतृत्व की मुख्य जिम्मेदारियां संभालते हैं।
इस चुनाव के बाद छात्रावास, सुरक्षित आवास, परिसर सुविधाएं, परीक्षा व्यवस्था, छात्र कल्याण और शिकायत निवारण जैसे मुद्दों पर नई छात्रसंघ टीम की सक्रियता महत्वपूर्ण होगी। दूसरी ओर, दिल्ली हाई कोर्ट ने परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस पर रोक के निर्देश दिए थे, जिसके अनुपालन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय और पुलिस को जिम्मेदारी दी गई।



