Maruti Suzuki Export:
नई दिल्ली। भारत में बनी कारों की वैश्विक स्वीकार्यता लगातार मजबूत हो रही है। इसका एक बड़ा उदाहरण जापान से सामने आया है, जहां Maruti Suzuki India ने Jimny 5-door, Fronx और e VITARA की कुल एक लाख यूनिट के निर्यात का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि जापान दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता-केंद्रित ऑटोमोबाइल बाजारों में गिना जाता है।
यह उपलब्धि केवल निर्यात के आंकड़े तक सीमित नहीं है। इसके पीछे भारत में वाहन निर्माण की बढ़ती क्षमता, Suzuki के वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में भारतीय संयंत्रों की बढ़ती भूमिका और जापानी ग्राहकों के बीच भारतीय निर्मित वाहनों की स्वीकार्यता का संकेत भी मिलता है।
तीन मॉडलों ने बनाया नया निर्यात रिकॉर्ड
जापान को Fronx का निर्यात अगस्त 2024 में शुरू हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2024 में Jimny 5-door ने जापानी बाजार में दस्तक दी। कंपनी के पहले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन e VITARA को सितंबर 2025 से इस निर्यात श्रृंखला में शामिल किया गया।
इन तीनों मॉडलों में Jimny 5-door और e VITARA का निर्माण विशेष रूप से भारत में किया जाता है। ऐसे में जापान में इनकी बिक्री भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए खास महत्व रखती है।
जापान बना मारुति का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार
मारुति सुजुकी के लिए जापान अब मात्रा के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार बन गया है। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जापान में Suzuki द्वारा आयात किए गए वाहनों में करीब 100 प्रतिशत हिस्सेदारी Maruti Suzuki द्वारा निर्मित वाहनों की थी।
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जापानी ऑटो बाजार में वाहन की गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और तकनीकी मानकों को लेकर ग्राहकों की अपेक्षाएं काफी ऊंची हैं। ऐसे बाजार में भारतीय कारों की मजबूत मौजूदगी भारत को केवल एक कम लागत वाले उत्पादन केंद्र के बजाय वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है।
भारत-जापान ऑटो साझेदारी को मिला नया आयाम
Maruti Suzuki के प्रबंध निदेशक एवं CEO Hisashi Takeuchi ने इस उपलब्धि को भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की मजबूत पुष्टि बताया। उनके अनुसार, जापान जैसे चुनौतीपूर्ण बाजार में एक लाख से अधिक वाहनों का निर्यात भारत में निर्मित उत्पादों के प्रति भरोसे को दर्शाता है।
इस सफलता का एक व्यापक पहलू भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग भी है। Suzuki की भारत में निर्माण की शुरुआत जिस सोच के साथ हुई थी, आज उसी व्यवस्था से तैयार वाहन जापानी ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। यानी भारत में विकसित उत्पादन क्षमता अब घरेलू बाजार की जरूरतों से आगे बढ़कर Suzuki के वैश्विक कारोबार का हिस्सा बन रही है।
e VITARA की एंट्री क्यों है खास?
इस उपलब्धि में e VITARA की भूमिका भविष्य के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण हो सकती है। यह Maruti Suzuki का पहला Battery Electric Vehicle है और इसका जापान को निर्यात सितंबर 2025 में शुरू हुआ।
वैश्विक ऑटो उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहन का जापान जैसे विकसित बाजार में निर्यात होना भारतीय EV मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक अहम संकेत है। आने वाले वर्षों में यदि कंपनी जापान और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इलेक्ट्रिक मॉडलों की मांग बढ़ाने में सफल रहती है, तो भारत उसके इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन नेटवर्क में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आगे क्या बदल सकता है?
एक लाख यूनिट का आंकड़ा Maruti Suzuki के लिए सिर्फ एक बिक्री उपलब्धि नहीं, बल्कि निर्यात रणनीति के विस्तार का संकेत है। जापान में सफलता मिलने से कंपनी को अन्य विकसित बाजारों में भारतीय निर्मित मॉडलों की स्वीकार्यता बढ़ाने का आधार मिल सकता है।
साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग, सप्लायर नेटवर्क और वाहन निर्माण से जुड़े रोजगार के लिए भी ऐसे निर्यात अवसर महत्वपूर्ण हैं। यदि भारत से अधिक मॉडल अंतरराष्ट्रीय बाजारों के कठोर मानकों को पूरा करते हैं, तो देश की ऑटोमोबाइल निर्यात क्षमता आने वाले वर्षों में और मजबूत हो सकती है।



