अंडे की जर्दी से हार्ट अटैक?
अंडे को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी बातें वायरल होती रहती हैं कि अंडे की जर्दी यानी पीला हिस्सा खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से कई लोग प्रोटीन लेने के लिए सिर्फ अंडे का सफेद हिस्सा खाते हैं और जर्दी को अलग कर देते हैं। लेकिन क्या जर्दी वास्तव में दिल की सेहत के लिए इतनी नुकसानदायक है?
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विशेषज्ञों के अनुसार, इस सवाल का जवाब केवल अंडे की जर्दी में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को देखकर नहीं दिया जा सकता। किसी व्यक्ति के हृदय स्वास्थ्य पर असर डालने में उसकी पूरी डाइट, संतृप्त वसा का सेवन, शारीरिक गतिविधि, वजन, धूम्रपान, रक्तचाप और पहले से मौजूद स्वास्थ्य जोखिम जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।
जर्दी को सिर्फ कोलेस्ट्रॉल का स्रोत मानना सही नहीं
अंडे की जर्दी में आहार संबंधी कोलेस्ट्रॉल जरूर पाया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जर्दी खाने से हर व्यक्ति का रक्त कोलेस्ट्रॉल उसी अनुपात में बढ़ जाएगा। शरीर स्वयं भी कोलेस्ट्रॉल का निर्माण और उसका नियमन करता है।
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पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. जगदीश हिरेमठ के अनुसार, लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि भोजन से मिलने वाला कोलेस्ट्रॉल सीधे रक्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। हालांकि, बाद के वैज्ञानिक अध्ययनों ने तस्वीर को अधिक जटिल बताया है। अधिकांश स्वस्थ लोगों में सीमित मात्रा में अंडे का सेवन हृदय रोग के जोखिम में स्पष्ट वृद्धि से नहीं जुड़ा है।
यही वजह है कि किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरे खान-पान के पैटर्न को देखना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
सफेद हिस्सा प्रोटीन देता है, लेकिन जर्दी भी पोषण से भरपूर
अंडे का सफेद हिस्सा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसमें वसा तथा कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए वजन नियंत्रित करने या प्रोटीन की जरूरत पूरी करने वाले लोग अक्सर इसे प्राथमिकता देते हैं।
लेकिन जर्दी को निकाल देने पर अंडे के कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं। जर्दी में कोलीन, विटामिन B12, विटामिन D और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं।
विशेष रूप से कोलीन मस्तिष्क के कार्य, तंत्रिका संकेतों और शरीर की कई जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। वहीं विटामिन D हड्डियों और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस लिहाज से पूरा अंडा केवल प्रोटीन का स्रोत नहीं, बल्कि कई पोषक तत्वों का संयोजन है।
क्या स्वस्थ व्यक्ति रोज एक पूरा अंडा खा सकता है?
उपलब्ध विशेषज्ञ राय के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर प्रतिदिन एक पूरा अंडा खाना आम तौर पर चिंता का विषय नहीं माना जाता। हालांकि, इसे हर व्यक्ति के लिए एक समान चिकित्सकीय सलाह नहीं समझना चाहिए।
अंडे को किस चीज के साथ खाया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, सब्जियों, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ अंडे का सेवन और ज्यादा संतृप्त वसा वाले प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के साथ अंडे का सेवन—दोनों की पूरी डाइट एक जैसी नहीं होती।
इसलिए सिर्फ यह पूछना कि “अंडा अच्छा है या बुरा?” पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि व्यक्ति की पूरी डाइट और जीवनशैली कैसी है।
हाई कोलेस्ट्रॉल या परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो तो?
जिन लोगों का LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल पहले से अधिक है, उन्हें अंडे को लेकर व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन से बात करनी चाहिए। इसी तरह जिनके परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उनके लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर ध्यान देने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।
ऐसे लोगों को अपनी डाइट में संतृप्त वसा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को सीमित करने, पर्याप्त फाइबर लेने और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल की जांच भी उपयोगी हो सकती है।
विशेषज्ञों का जोर इस बात पर है कि अगर किसी व्यक्ति को अंडा पसंद है, तो केवल जर्दी में मौजूद कोलेस्ट्रॉल के डर से उसे पूरी तरह छोड़ देना जरूरी नहीं है। लेकिन पहले से हृदय रोग, बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल या अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में मात्रा और व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार सलाह लेना बेहतर है।
असली समस्या अंडा नहीं, पूरी डाइट का संतुलन हो सकता है
अंडे को लेकर सोशल मीडिया पर चलने वाली बहस अक्सर एक ही पोषक तत्व—कोलेस्ट्रॉल—तक सीमित हो जाती है। जबकि हृदय स्वास्थ्य कहीं अधिक व्यापक विषय है।
यदि किसी व्यक्ति की डाइट में लगातार तले हुए खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड मीट, अत्यधिक संतृप्त वसा, मीठे खाद्य पदार्थ और कम फाइबर है, तो केवल जर्दी छोड़ देने से उसकी पूरी डाइट स्वस्थ नहीं बन जाती। इसके विपरीत, संतुलित आहार, पर्याप्त सब्जियां, साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और नियमित व्यायाम हृदय स्वास्थ्य के लिए अधिक व्यापक रणनीति बनाते हैं।
इसलिए अंडे की जर्दी को “हार्ट अटैक का कारण” बताना एक बहुत सरल निष्कर्ष होगा। स्वस्थ व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में पूरा अंडा पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकता है, जबकि हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग के जोखिम वाले लोगों को अपनी व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बहुत अधिक है, हृदय रोग है या आप कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा लेते हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
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