नई दिल्ली, भारत में चाय और कॉफी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इन्हें बहुत अधिक गर्म अवस्था में पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े शोधकर्ताओं की लगभग 10 लाख लोगों पर की गई एक बड़ी स्टडी में पाया गया कि 65°C या उससे ज्यादा तापमान पर चाय या कॉफी पीने वालों में खाने की नली के एक प्रकार के कैंसर का जोखिम गुनगुने पेय पीने वालों की तुलना में करीब तीन गुना अधिक पाया गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि बार-बार बहुत गर्म तरल पीने से भोजन नली की अंदरूनी परत को चोट और जलन हो सकती है।
बहुत गर्म चाय या कॉफ़ी पीना क्यों साबित हो सकता है ख़तरनाक
चाय या कॉफी में समस्या उसके स्वाद, कैफीन या रंग से नहीं, बल्कि तापमान से जुड़ी है। बहुत गर्म पेय निगलने पर वह मुंह से होकर भोजन नली तक पहुंचता है। भोजन नली को मेडिकल भाषा में एसोफेगस या फूड पाइप कहा जाता है।
बहुत अधिक गर्म तरल इस नली की नाजुक कोशिकाओं को बार-बार नुकसान पहुंचा सकता है। शरीर इन कोशिकाओं की मरम्मत करने की कोशिश करता है, लेकिन लंबे समय तक लगातार होने वाली गर्मी की चोट और सूजन असामान्य कोशिका बदलावों का जोखिम बढ़ा सकती है।
65°C से अधिक तापमान पर जोखिम
विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर रिसर्च एजेंसी IARC ने 65°C से ऊपर के तापमान पर लिए जाने वाले बहुत गर्म पेय को “संभवतः मनुष्यों के लिए कार्सिनोजेनिक” श्रेणी में रखा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि गर्म चाय पीने वाले हर व्यक्ति को कैंसर होगा, बल्कि यह कि नियमित रूप से अत्यधिक गर्म पेय लेने पर जोखिम बढ़ सकता है।
यदि चाय या कॉफी इतनी गर्म हो कि उसे पीते ही जीभ या मुंह जलने लगे, तो उसे तुरंत पीने के बजाय कुछ मिनट ठंडा होने देना चाहिए।
रिसर्च में क्या सामने आया?
ऑक्सफोर्ड पॉपुलेशन हेल्थ के शोधकर्ताओं ने UK Biobank और Million Women Study के करीब 9.8 लाख प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण किया। अध्ययन में प्रतिभागियों को लगभग 14 वर्षों तक देखा गया और 2,300 से अधिक एसोफेगस कैंसर के मामले दर्ज हुए।
मुख्य निष्कर्ष:
जो लोग चाय या कॉफी को “बहुत गर्म” पीना पसंद करते थे, उनमें एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम गुनगुने पेय लेने वालों की तुलना में करीब 3.17 गुना पाया गया।
“गर्म” पेय पसंद करने वालों में भी गुनगुना पेय पीने वालों की तुलना में जोखिम लगभग 1.7 गुना दर्ज हुआ।
दिन में छह या उससे ज्यादा गर्म पेय लेने वालों में, कम मात्रा लेने वालों की तुलना में जोखिम 71% अधिक दर्ज हुआ।
अध्ययन में संबंध मुख्य रूप से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा से मिला; दूसरे प्रमुख प्रकार, एडेनोकार्सिनोमा, के लिए वैसा संबंध नहीं मिला।
यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन है। इसलिए यह सीधे तौर पर साबित नहीं करता कि बहुत गर्म पेय ही कैंसर का एकमात्र कारण है, लेकिन तापमान और जोखिम के बीच मजबूत संबंध की ओर संकेत जरूर करता है।
कौन सा कैंसर बढ़ सकता है?
बहुत गर्म पेय से जुड़ा जोखिम मुख्य रूप से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा से संबंधित है। यह भोजन नली की अंदरूनी सतह पर मौजूद पतली, चपटी कोशिकाओं से शुरू होने वाला कैंसर है।
भोजन नली गले को पेट से जोड़ती है। जब बहुत गर्म चाय या कॉफी इस रास्ते से गुजरती है, तो लगातार गर्मी इसकी परत में सूक्ष्म जलन या चोट पैदा कर सकती है।
किन लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए?
बहुत गर्म पेय पीने का जोखिम हर व्यक्ति में समान नहीं होता। कुछ अन्य आदतें और स्थितियां भोजन नली के कैंसर के जोखिम को और बढ़ा सकती हैं।
अधिक सतर्क रहने वाले लोग:
जो रोजाना कई बार खौलती या भाप निकलती चाय-कॉफी पीते हैं।
जो दिन में छह या उससे अधिक कप गर्म पेय लेते हैं।
धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वाले लोग।
नियमित रूप से शराब पीने वाले लोग।
जिन्हें निगलने में परेशानी, लगातार गले में जलन या एसिडिटी की समस्या रहती है।
जिनके परिवार में भोजन नली या गले के कैंसर का इतिहास हो।
बहुत गर्म पेय के साथ धूम्रपान और शराब जैसे जोखिम कारक हों, तो स्वास्थ्य जोखिम अधिक गंभीर हो सकता है।
सुरक्षित तरीके से चाय-कॉफी कैसे पिएं?
चाय और कॉफी पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। ध्यान केवल इस बात का रखें कि पेय का तापमान आरामदायक हो, न कि खौलता हुआ।
सुरक्षित आदतें अपनाएं:
चाय या कॉफी बनाने के बाद कम से कम 4-5 मिनट ठंडा होने दें।
पहला घूंट लेने से पहले तापमान जांचें।
अगर कप से तेज भाप निकल रही है, तो थोड़ी देर इंतजार करें।
बहुत गर्म पेय को जल्दी-जल्दी पीने के बजाय छोटे घूंट में लें।
दिनभर में गर्म पेय की मात्रा सीमित रखें।
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें।
लगातार गले में जलन, निगलने में दर्द या वजन कम होने जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या चाय-कॉफी छोड़नी चाहिए?
नहीं। उपलब्ध शोध का संदेश यह नहीं है कि चाय या कॉफी अपने आप खतरनाक हैं। चिंता मुख्य रूप से बहुत अधिक तापमान और नियमित आदत को लेकर है।
चाय या कॉफी को गुनगुना होने पर पीना एक आसान सावधानी है। इसी तरह, संतुलित मात्रा में सेवन, पर्याप्त पानी और तंबाकू-शराब से दूरी बेहतर स्वास्थ्य के लिए उपयोगी आदतें हैं।
डॉक्टर से कब मिलें?
निम्न लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की सलाह लेना जरूरी है:
खाना या पानी निगलने में दर्द।
निगलने में अटकने जैसा अनुभव।
लंबे समय तक गले में जलन।
बिना कारण वजन कम होना।
लगातार उल्टी या खून की उल्टी।
सीने में बार-बार जलन या दर्द।
इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन समय पर जांच जरूरी है।
FAQs
बहुत गर्म चाय या कॉफी का सुरक्षित तापमान कितना है?
विशेषज्ञ 65°C या उससे ऊपर के पेय को बहुत गर्म मानते हैं। इसे गुनगुना, यानी लगभग 50°C से 60°C के बीच होने पर पीना अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प है।
क्या गर्म चाय पीने से कैंसर निश्चित रूप से होता है?
नहीं। यह कहना सही नहीं होगा कि गर्म चाय पीने वाले सभी लोगों को कैंसर होगा। रिसर्च यह बताती है कि बहुत गर्म पेय नियमित रूप से लेने पर भोजन नली के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
चाय-कॉफी को कितनी देर ठंडा करना चाहिए?
आमतौर पर 4-5 मिनट इंतजार करने से तापमान काफी कम हो सकता है। हालांकि कप, मात्रा और कमरे के तापमान के आधार पर समय बदल सकता है। पीने से पहले हल्का घूंट लेकर तापमान जांचना बेहतर है।
दिन में कितनी चाय या कॉफी पीना ठीक है?
अध्ययन में दिन में छह या उससे अधिक गर्म पेय लेने वालों में अधिक जोखिम देखा गया। लेकिन स्वास्थ्य पर असर केवल कपों की संख्या से तय नहीं होता; तापमान, कैफीन, चीनी, नींद, एसिडिटी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति भी मायने रखती है।
क्या सिर्फ चाय ही नहीं, कॉफी भी जोखिम बढ़ाती है?
हां। रिसर्च में बहुत गर्म चाय और कॉफी, दोनों के तापमान को जोखिम से जोड़ा गया है। समस्या पेय के बहुत गर्म होने से है, केवल चाय या केवल कॉफी से नहीं।
निष्कर्ष
बहुत गर्म चाय या कॉफ़ी पीना क्यों साबित हो सकता है ख़तरनाक—इसका मुख्य कारण पेय का अत्यधिक तापमान है। 65°C या अधिक गर्म पेय भोजन नली की अंदरूनी परत को बार-बार नुकसान पहुंचा सकते हैं। करीब 10 लाख लोगों पर आधारित शोध में बहुत गर्म पेय लेने वालों में एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम गुनगुना पेय लेने वालों की तुलना में लगभग तीन गुना पाया गया। इसलिए चाय या कॉफी छोड़ने के बजाय उसे कुछ मिनट ठंडा कर, आरामदायक तापमान पर पीना अधिक समझदारी भरा विकल्प है।



