फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है और फुटबॉल फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर है। पूरे टूर्नामेंट में अब सिर्फ तीन मैच और बचे हैं, जिसके बाद हमें इस साल का वर्ल्ड कप विजेता मिल जाएगा। पहला सेमीफाइनल मुकाबला फ्रांस और स्पेन के बीच होने जा रहा है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है जब ये दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। इसके साथ ही, इस बार टूर्नामेंट में गोल्डन बूट विजेता का फैसला भी इन्हीं आखिरी के तीन मैचों से तय होगा।
एम्बाप्पे और मेसी गोल्डन बूट की रेस में हैं सबसे आगे
इस समय फीफा वर्ल्ड कप 2026 में गोल्डन बूट की रेस बहुत रोमांचक हो गई है। फ्रांस के कीलियन एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी दोनों 8-8 गोल करके इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। दोनों ने अब तक 6-6 मैच खेले हैं। वहीं इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंगहैम भी 6-6 गोल के साथ इस रेस में बने हुए हैं। अगर टूर्नामेंट के आखिर में दो खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं, तो नियम के मुताबिक गोल्डन बूट उसे मिलता है जिसने सबसे ज्यादा असिस्ट किया हो। इस मामले में एम्बाप्पे अभी मेसी से आगे हैं। एम्बाप्पे के नाम 3 असिस्ट हैं, जबकि मेसी के नाम इस सीजन में 2 असिस्ट हैं। इसी वजह से फ्रांस के कप्तान एम्बाप्पे के गोल्डन बूट जीतने की उम्मीदें इस वक्त सबसे ज्यादा हैं।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी
इस समय फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में कीलियन एम्बाप्पे और लियोनेल मेसी के बाद इंग्लैंड के दो स्टार खिलाड़ी, हैरी केन और जूड बेलिंगहैम का नाम आता है। उन्होंने इस सीजन में अब तक 6-6 गोल दागे हैं। वैसे तो इस लिस्ट में नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड उनसे आगे हैं क्योंकि उन्होंने 7 गोल किए हैं, लेकिन उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। इसका मतलब है कि हालैंड अब आगे कोई मैच नहीं खेल पाएंगे और इसी वजह से वह गोल्डन बूट अवॉर्ड नहीं जीत सकते।
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गोल बराबर होने पर कैसे होता है गोल्डन बूट के विनर का फैसला?
FIFA वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट मिलता है। लेकिन अगर दो या उससे ज्यादा खिलाड़ी बराबर गोल करते हैं, तो विनर चुनने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। सबसे पहले यह देखा जाता है कि किस खिलाड़ी के नाम सबसे ज्यादा असिस्ट करने का रिकॉर्ड है। अगर असिस्ट के मामले में भी दोनों खिलाड़ी बिल्कुल बराबर रहते हैं, तो यह देखा जाता है कि मैदान पर किसने कम समय बिताया है। जिसने पूरे टूर्नामेंट में कम मिनट खेलकर उतने गोल किए होंगे, उसे ही विजेता माना जाएगा। इस नियम के हिसाब से अभी एम्बाप्पे आगे हैं क्योंकि उन्होंने इस फीफा वर्ल्ड कप में मेसी से कम समय मैदान पर बिताया है।






