नई दिल्ली : यमुना नदी से सटे फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के गांवों के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लोक निर्माण विभाग (PWD) अरूवा गांव के पास यमुना नदी पर पोंटून पुल (pontoon bridge) का निर्माण करेगा। पुल बनने से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर होगा और दोनों राज्यों के लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर अगले महीने से काम शुरू होने की उम्मीद है। विभाग ने पुल का निर्माण 2 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना पर करीब 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पुल के तैयार होने के बाद रोजाना दोनों राज्यों के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक एवं समय बचाने वाली होगी।
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पोंटून पुल बनने से समय और खर्च दोनों बचेंगे
अरूवा गांव के पास यमुना नदी पर प्रस्तावित पोंटून (अस्थायी) पुल बनने से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन करने वाले लोगों का समय और यात्रा खर्च दोनों कम होंगे। वर्तमान में यमुना पर कोई स्थायी या अस्थायी पुल नहीं होने के कारण ग्रेटर नोएडा और यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों को फरीदाबाद आने-जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। लंबे मार्ग के कारण लोगों का समय अधिक लगता है और ईंधन व किराये का खर्च भी बढ़ जाता है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और मरीजों पर पड़ता है, जिन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए नियमित रूप से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करना पड़ता है। प्रस्तावित पोंटून पुल के निर्माण के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ आवागमन भी आसान होगा।
पोंटून पुल लोहे के फ्लोटिंग ढांचों पर तैयार किया जाता है, जिसे नदी के जलस्तर और मौसम के अनुसार संचालित किया जाता है। मानसून के दौरान यदि यमुना का जलस्तर बढ़ता है, तो आवश्यकता पड़ने पर इस पुल को अस्थायी रूप से हटाया भी जा सकता है। लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि पुल के निर्माण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार, पुल बनने से दोनों राज्यों के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे व्यापार, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी उनकी मांग अब पूरी होने जा रही है और जल्द ही उन्हें बेहतर संपर्क सुविधा का लाभ मिलेगा। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer) प्रकाशलाल ने बताया कि योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य सौंप दिया जाएगा।






