छत्तीसगढ़ के Bijapur जिले में तेंदूपत्ता आगजनी मामले को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए DFO Ramesh Kumar Jangde को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस फैसले के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि तेंदूपत्ता संग्रहण और वन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जा रहा है कि हाल ही में जिले के कई इलाकों में तेंदूपत्ता गोदाम और संग्रहण केंद्रों में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। मामले की जांच रिपोर्ट में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गईं। इसके बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्ट शासन को भेजी, जिस पर कार्रवाई करते हुए DFO को निलंबित कर दिया गया।
सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगजनी के पीछे किसी साजिश या लापरवाही की भूमिका की भी जांच की जाएगी। वहीं स्थानीय स्तर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों और ग्रामीणों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार अब वन संपदा की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है।


