देश के उत्कृष्ट संसदीय प्रदर्शन करने वाले 12 सांसदों का चयन इस वर्ष के संसद रत्न पुरस्कार के लिए किया गया है। यह सम्मान संसद में सक्रिय भागीदारी, जनहित के मुद्दे उठाने और संसदीय कार्यों में योगदान के आधार पर दिया जाता है। इसके साथ ही चार संसदीय समितियों को भी उनके प्रभावी कार्य और बेहतर प्रदर्शन के लिए चुना गया है। पुरस्कारों की घोषणा के बाद राजनीतिक और संसदीय गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
आयोजकों के अनुसार चयन प्रक्रिया में सांसदों की उपस्थिति, बहसों में भागीदारी, पूछे गए प्रश्न और निजी विधेयकों जैसे कई मानकों को ध्यान में रखा गया। विभिन्न दलों के सांसदों को इस सूची में शामिल किया गया है, जिससे यह पुरस्कार गैर-पक्षपातपूर्ण माना जा रहा है। कई वरिष्ठ सांसदों के साथ कुछ युवा चेहरों को भी इस बार सम्मान के लिए चुना गया है।
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भारतीय संसद से जुड़े इस प्रतिष्ठित सम्मान को लोकतांत्रिक मूल्यों और जवाबदेह राजनीति को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पुरस्कार सांसदों को संसद में अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। पुरस्कार समारोह जल्द आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं।






