भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने स्वदेशी स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण किया है। इस तकनीक की मदद से मिसाइलें ध्वनि की गति से कई गुना तेज यानी मैक 5 से अधिक गति पर उड़ान भर सकती हैं, जिससे दुश्मन के लिए उन्हें रोकना बेहद कठिन हो जाता है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रैमजेट तकनीक बेहद जटिल मानी जाती है और इसे हासिल करना दुनिया के कुछ ही देशों के लिए संभव हो पाया है। इस सफलता के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह तकनीक विकसित करने वाला चौथा देश बन गया है। यह उपलब्धि देश की सामरिक क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।
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DRDO का कहना है कि इस परीक्षण से भविष्य में लंबी दूरी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के विकास का रास्ता और आसान होगा। इससे भारतीय सशस्त्र बलों को तेज, सटीक और अत्याधुनिक हथियार प्रणाली मिलने की उम्मीद है, जो देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।


